दिल्ली में 5 सितंबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित मार्च को रोकने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है. याचिका में कहा गया था कि 12-13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स समिट के बाद तक इसपर रोक लगाई जाए. इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभी ऐसी कोई ठोस वजह नहीं है जिससे यह माना जाए कि कोई अप्रिय घटना होगी.
चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि अधिकारियों से उम्मीद की जाती है कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी पक्ष शांतिपूर्ण, जिम्मेदार और कानून के मुताबिक व्यवहार करें.
10 सितंबर को मुख्य मामले के साथ इस याचिका को भी सुनवाई के लिए लगाया जाएगा. एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी की तरफ से दाखिल याचिका की पैरवी के लिए वकील सैयद रिजवान पेश हुए थे.
क्यों मार्च करेगी CJP?
अभिजीत दीपके की पार्टी CJP ने केंद्र सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है. सीजेपी ने 24 अगस्त को कहा था कि पार्टी 25 जुलाई को युवाओं से किए गए वादों को पूरा न करने की कड़ी निंदा करती है, खासकर उन वादों को जो छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने से जुड़े थे.
पार्टी ने कहा, ”सरकार की तरफ से आश्वासनों को पूरा करने में लगातार देरी और टालमटोल को देखते हुए, CJP की राष्ट्रीय कार्य समिति ने शांतिपूर्ण तरीके से लोगों को एकजुट करने का अभियान फिर से शुरू करने का फैसला किया है. 5 सितंबर को, CJP नई दिल्ली में इंडिया गेट से दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक युवाओं का एक शांतिपूर्ण मार्च आयोजित करेगी.”
