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28 साल के लोगों ने स्‍पेस में किया कमाल…किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा: PM मोदी

संसद के मानसून सत्र पर अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि चाहे मानसून हो या मानसून सत्र- अगर दोनों सक्रिय हों तो वे बहुत उत्पादक साबित होते हैं. जब दोनों उत्पादक होते हैं तो इससे देश का कल्याण और सभी जीवों का भला होता है. इसलिए हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और उत्पादक बना रहे और मानसून सत्र भी उत्पादक साबित हो.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में एक नई यात्रा शुरू की है. मुझे बताया गया कि ‘स्काईरूट’ स्टार्टअप में काम करने वाली पूरी टीम की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है. ऐसे ही युवाओं ने यह कारनामा कर दिखाया है. मैं किसी 56 साल के युवा की बात नहीं कर रहा हूं.’

उन्‍होंने कहा, ‘सिर्फ़ एक महीने में देश ने कई उपलब्धियां हासिल की हैं. ऐसी कामयाबियां जिनसे हर नागरिक को गर्व महसूस होता है. चाहे राष्ट्रीय स्तर हो, अंतरराष्ट्रीय मंच हो या अब अंतरिक्ष ही क्यों न हो, ये सभी भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं. पिछले साल मानसून सत्र से ठीक पहले, एक भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचा था. और अभी कुछ दिन पहले ही, एक युवा भारतीय स्टार्टअप ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की. ​​दुनिया के बहुत कम देशों में इस तरह के प्राइवेट उद्यम देखने को मिले हैं. भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में एक नई यात्रा शुरू की है. यह एक जबरदस्त सफलता है… भारत की वैश्विक पहचान को दुनिया भर में मान्यता और स्वीकार्यता मिल रही है. यह कोई इत्तेफाक नहीं है. यह एक संदेश है. एक जबरदस्त संदेश कि हमारे देश के युवाओं की क्षमता और उनके सपने अंतरिक्ष की तरह ही असीम हैं.’

पीएम मोदी ने कहा कि हम अच्छी तरह जानते हैं और पूरी दुनिया को अलग-अलग इलाकों में लगातार बने हुए युद्ध के खतरे की चिंता है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने भारत जैसे देशों के लिए एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया, जो ऊर्जा के लिए दूसरों पर निर्भर हैं. पेट्रोल, डीज़ल, एलपीजी, फर्टिलाइज़र और केमिकल को लेकर कई रुकावटें और संकट पैदा हुए. इसके बावजूद, भारत ने 7.7 प्रतिशत की विकास दर बनाए रखी और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरा. यह भारत की अंदरूनी ताकत को दिखाता है और उस जोश और उत्साह की झलक देता है जिसके साथ देश नई ऊंचाइयां छूना चाहता है. इसी माहौल में मानसून सत्र शुरू हो रहा है. देश ने रफ़्तार पकड़ ली है और संसद का जोश उस रफ़्तार में नई ऊर्जा भरता है.

उन्‍होंने कहा कि यह देश के ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होने का ही नतीजा है कि भारत के युवा इतना साहस दिखा पा रहे हैं और सफलता हासिल कर रहे हैं. हाल ही में राजस्थान में एक बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई. कुछ हफ्ते पहले ही देश को तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट समर्पित किया गया. कुछ समय पहले ही, नागरिकों को ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन समर्पित की गई. दुनिया के बहुत कम देशों के पास यह सुविधा है. फिर भी भारत ने जो हाइड्रोजन ट्रेन शुरू की है, उसमें सबसे शक्तिशाली इंजन है और यह अपनी तरह की सबसे लंबी ट्रेन है. यह उपलब्धि भारत के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, इनोवेटर्स, उद्यमियों और कामगारों के समर्पण का सबूत है, जो सभी देश के लिए एक साझा लक्ष्य के साथ जी रहे हैं और काम कर रहे हैं.

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