दुनिया भर में बढ़ती ईंधन की कीमतों और महंगाई ने आम जनता का बजट बिगाड़ दिया है. अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म चुनावों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है. ट्रंप ने अमेरिका से डीजल के निर्यात पर पूरी तरह से बैन लगाने का संकेत दिया है. उनका मानना है कि अमेरिकी फ्यूल सबसे पहले अमेरिकी नागरिकों के काम आना चाहिए. दूसरी तरफ, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बावजूद क्रूड ऑयल की कीमत में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है.
अमेरिका में डीजल के रेट रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए हैं. रिपब्लिकन पार्टी के कई सीनियर नेताओं ने राष्ट्रपति ट्रंप से मांग की है कि अमेरिका से बाहर भेजे जाने वाले डीजल पर तुरंत रोक लगाई जाए. ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वे इस प्रपोजल का पूरा सपोर्ट करते हैं. उन्होंने कहा कि अमेरिका भारी मात्रा में डीजल तैयार करता है और इसे देश में ही रोककर रखना चाहिए. अमेरिकी वित्त मंत्रालय इस बात की जांच कर रहा है कि यह बैन पूरी तरह लागू किया जाए या आंशिक रूप से.
चुनाव और महंगाई का सीधा संबंध
नवंबर में अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन होने वाले हैं. इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतें हैं. मतदाताओं के लिए महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा बन चुकी है. अलास्का के सीनेटर दान सुलिवन और अन्य रिपब्लिकन नेताओं का मानना है कि सर्दियों से पहले अमेरिका को अपना डीजल रिजर्व मजबूत करना होगा. अगर तेल सस्ता नहीं हुआ तो चुनाव में पार्टी को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
ग्लोबल जंग और सप्लाई में रुकावट
यूक्रेन और ईरान के साथ जारी संघर्ष ने ग्लोबल ऑयल मार्केट को बंरी तरह प्रभावित किया है. रूस, सऊदी अरब और यूएई जैसे दुनिया के बड़े तेल उत्पादक देशों से सप्लाई घटी है. इस कारण अमेरिका और यूरोप दोनों ही जगह डीजल की किल्लत बनी हुई है. अमेरिका के एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट ने भी व्हाइट हाउस को चेतावनी दी है कि यदि डीजल की कीमत पर काबू नहीं पाया गया तो खेती और खाद्य आपूर्ति पर इसका असर पड़ेगा.
कच्चे तेल के दाम में आई गिरावट
एक तरफ डीजल बैन की चर्चा तेज है, दूसरी तरफ क्रूड ऑयल के दाम में मंगलवार को नरमी देखी गई. सऊदी अरब ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को फिर से शुरू कर दिया है. इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही में सुधार हुआ है. इस वजह से सप्लाई में थोड़ा सुधार आया है और क्रूड ऑयल के दाम करीब 1 डॉलर प्रति बैरल नीचे आ गए हैं.
होर्मुज के जरिये बढ़ी तेल की सप्लाई
आंकड़ों के अनुसार होर्मुज स्ट्रेट से सऊदी के तेल का निर्यात बढ़ा है. पिछले महीने रोजाना 7 लाख बैरल तेल ही निकल पा रहा था, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 29 लाख बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया है. सऊदी अरामको ने विशाल तेल टैंकरों के जरिये सप्लाई को तेज कर दिया है. बाजार के जानकारों का मानना है कि सऊदी अरब स्थिति को संभालने के लिए एक्टिवली काम कर रहा है.
ट्रंप की चेतावनी और बाजार की चिंता
तेल के दाम में आई यह राहत बहुत कम समय के लिए साबित हो सकती है. ट्रंप ने इशारा दिया है कि शांति समझौता जल्द होने की उम्मीद बहुत कम है. उन्होंने यह भी कहा कि यदि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप के इस बयान के बाद तेल बाजार में फिर से अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. ब्रेंट क्रूड घटकर 99.25 डॉलर और WTI क्रूड 94.99 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ.
