समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की तरफ से गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गए हैं. आजम की तरफ से सोमवार (2 नवंबर) को वकील निजाम पक्ष ने मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने रखा. अहम बात यह भी है कि आजम खान की तरफ से इस मामले को लेकर तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया है.
आजम खान के मामले को लेकर चीफ जस्टिस ने शुरुआत में अहम टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आजम खान को हाई कोर्ट जाना चाहिए. हालांकि, बाद में वकील के अनुरोध पर उन्होंने कहा कि याचिका को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए लगाया जाएगा.
आजम खान को जल्द ही कस्टडी रिमांड पर ले सकती है ईडी
अहम बात यह भी है कि ईडी जल्द ही आजम खान को कस्टडी रिमांड में ले सकती है. सूत्रों के मुताबिक ईडी की तरफ से दिवाली के बाद कस्टडी रिमांड में लेने की अर्जी दाखिल हो सकती है. ईडी रिमांड मंजूर होने के बाद आजम को लखनऊ जोनल ऑफिस लेकर आएगी और इसके बाद यहां पूछताछ करेगी. पूछताछ के दौरान जौहर यूनिवर्सिटी निर्माण में खर्च किए गए करीब 430 करोड़ रुपए के सोर्स का पता लगाएगी.
ईडी ने पहले भी आजम खान से की थी पूछताछ
गौरतलब है कि ईडी आजम खान से इससे पहले भी मामले को लेकर पूछताछ कर चुकी है, लेकिन आजम ने पूछताछ के दौरान स्पष्ट जवाब नहीं दिया था. आजम खान पर रामपुर में सार्वजनिक कामों के लिए सरकार की ओर से आवंटित पैसा और सामान को निजी जौहर यूनिवर्सिटी में खपाने का आरोप लगा था. अहम बात यह भी है कि आजम खान जौहर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति भी हैं. वे काफी वक्त से जेल में थे और जैसे ही रिहा हुए उन्हें ईडी ने गिरफ्तार कर लिया.
