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नेपाल में बाढ़ से बड़ी तबाही, रेस्क्यू ऑपरेशन तेज, जानें क्या है इसकी वजह

चीन सीमा के पास नेपाल में स्थित भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है. इस आपदा में कम से कम 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोगों के बह जाने की आशंका जताई जा रही है. लापता लोगों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर राहत और बचाव अभियान जारी है. नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में आई अचानक बाढ़ के कारण बुधवार तड़के मध्य नेपाल के कई इलाके प्रभावित हुए.

नदी के किनारे स्थित सड़कें, पुल, बाजार और सुरक्षा चौकियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता के अनुसार, बुधवार दोपहर तक कम से कम 25 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था. राहत और बचाव अभियान में नेपाल सेना, आर्म्ड पुलिस फोर्स (एपीएफ) और नेपाल पुलिस के जवान जुटे हुए हैं. इसके लिए 14 हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया गया है, ताकि दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक तेजी से पहुंचा जा सके.

नेपाल में भारी तबाही

नेपाली सेना के मुताबिक, अचानक आई इस बाढ़ के बाद प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि उत्तरी नेपाल में आई इस भीषण बाढ़ ने सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है. नदी के बहाव वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. इस बीच, नेपाल सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए भारत और चीन से भी सहायता मांगी है.

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सरकारी प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने बताया कि विदेश मंत्रालय दोनों देशों के साथ समन्वय स्थापित कर राहत सहायता जुटाने की कोशिश कर रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, नेपाल-चीन सीमा के पास तिमुरे क्षेत्र में तैनात आर्म्ड पुलिस फोर्स के नौ जवान भी बाढ़ के बाद से लापता बताए जा रहे हैं.

बाढ़ की संभावित वजह

अधिकारियों की ओर से बाढ़ के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है. नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान प्रभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि तिब्बत क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित हो गया था. इसके बाद अचानक पानी का दबाव बढ़ने से रुकावट टूटी और तेज बहाव के साथ विनाशकारी बाढ़ आ गई.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की फ्लैश फ्लड (अचानक आने वाली बाढ़) पहाड़ी क्षेत्रों में बेहद खतरनाक साबित होती है, क्योंकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता.

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