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झारखंड: CM हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ीं, बड़गाईं जमीन मामले में आरोप तय

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. दरअसल, बड़गाईं की 8.86 एकड़ ज़मीन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम सोरेन के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रांची की स्पेशल PMLA कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए थे. इस मामले में अन्य 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप पहले ही तय किए जा चुके थे, वहीं अब सीएम सोरेन के खिलाफ भी आरोप तय कर दिए गए हैं.

सीएम कोर्ट के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित हुए. कोर्ट ने उन पर लगे आरोप को पढ़कर सुनाया, सीएम ने उन सभी आरोपों को निराधार और गलत बताया. इसके बाद कोर्ट ने सीएम के खिलाफ आरोप गठित किया. अब इस मामले में ट्रायल चलेगा. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को गवाह पेश करने को कहा है. मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी.

PMLA कोर्ट ने इस मांग को नहीं किया था स्वीकार

बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ आरोप गठन की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया था. मुख्यमंत्री की ओर से दाखिल क्रिमिनल रिट याचिका में आरोप गठन की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की गई है. उनका पक्ष है कि जब तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनके खिलाफ आरोप तय करने की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ाई जानी चाहिए. विशेष पीएमएलए अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया था.

इसके बाद मुख्यमंत्री ने हाई कोर्ट का रुख किया. मंगलवार को हाई कोर्ट में मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन विस्तृत सुनवाई नहीं हो सकी. पिछली सुनवाई में हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश हुए थे. उन्होंने मामले से जुड़े दस्तावेजों के अवलोकन के लिए समय देने का आग्रह किया था. अदालत ने कहा था कि मामला फिलहाल आरोप गठन के चरण में है.

क्या है जमीन से जुड़ा पूरा मामला?

दरअसल, यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल में करीब 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है. ईडी की जांच में जमीन के दस्तावेजों में कथित हेरफेर, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण से जुड़े आरोप सामने आए हैं. मामले में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की है.

ये हैं अन्य आरोपी

विशेष पीएमएलए अदालत इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप गठित कर चुकी है. इनमें तत्कालीन राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद, आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह, बिपिन सिंह, राजकुमार पाहन, अफसर अली और मोहम्मद सद्दाम हुसैन सहित अन्य आरोपी शामिल हैं. आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों का न्यायिक रूप से साबित होना अभी बाकी है.

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