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एयर इंडिया ने छिपाई असलियत? टर्बुलेंस नहीं, बीच हवा में विमान के कई सिस्टम में आई थी कई खराबी, रिपोर्ट में खुलासा

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट को लेकर अब एक नई जानकारी सामने आई है. फ्लाइट के कॉकपिट में प्रिंट हुई मेंटेनेंस रिपोर्ट से पता चला है कि विमान में कई हाइड्रोलिक खराबी आई थीं. इस फ्लाइट के दौरान विमान अचानक 300 फीट नीचे गिर गया था, जिससे कई यात्री घायल हो गए थे. यह रिपोर्ट 4 अगस्त को सुबह 11:14 बजे, फ्लाइट के दिल्ली में लैंड करने के बाद जारी की गई थी.

ANI के मुताबिक, दो घंटे बाद, दोपहर 1:14 बजे, एयर इंडिया ने एक बयान जारी किया. इसमें उन्होंने विमान में हुई इस घटना की वजह फ्लाइट के दौरान थोड़ी देर के लिए टर्बुलेंस (हवा के झोंकों) की वजह से ऊंचाई में अचानक बदलाव को बताया.

क्रू मेंबर्स को आई थीं मामूली चोटें

एयरलाइन ने कहा कि कोई गंभीर चोट नहीं आई है. कुछ यात्रियों और क्रू सदस्यों को मामूली चोटें आई हैं, जिन्हें एहतियात के तौर पर मेडिकल जांच के लिए एयरपोर्ट पर ही मेडिकल सेंटर ले जाया गया है.

पांच घंटे बाद, शाम 6:55 बजे, एयरलाइन ने अपना पिछला बयान अपडेट किया. इसमें से ‘टर्बुलेंस’ शब्द हटा दिया गया, लेकिन घटना की गंभीरता को कम करके ही बताया गया.

अचानक 300 मीटर नीचे चला गया था विमान

अपडेट किए गए बयान में कहा गया था,’फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 के साथ फ्लाइट के दौरान ऊंचाई में अचानक बदलाव की घटना हुई. इस घटना के बाद विमान सामान्य रूप से चलता रहा और सुबह 11:07 बजे (IST) दिल्ली में सुरक्षित लैंड कर गया. एयरबस A-320 NEO विमान में 137 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे.’ इस बयान में किसी भी हाइड्रोलिक खराबी का जिक्र नहीं किया गया.

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, इस घटना में कम से कम 20 यात्री और चार क्रू सदस्य घायल हुए.

तीन हाइड्रोलिक सिस्टम पर चलता है विमान

A-320 NEO विमान आम तौर पर तीन अलग-अलग हाइड्रोलिक सिस्टम पर चलता है, ताकि अगर एक सिस्टम खराब हो जाए, तो बाकी दो सिस्टम फ्लाइट कंट्रोल, लैंडिंग गियर और ब्रेक को पावर दे सकें. एयर इंडिया की इस उड़ान में, सुबह 9:32 बजे तीनों सिस्टम में कम प्रेशर और दो रिजर्वॉयर में कम फ्लूइड लेवल की चेतावनी (वॉर्निंग) दिखाई दी.

बंद हो गया था ऑटोपायलट

हाइड्रोलिक्स की मदद से ही पायलट विमान के कंट्रोल सरफेस को फिजिकली हिला पाते हैं. एक साथ कई सिस्टम का खराब होना सिर्फ एक सिस्टम के खराब होने से कहीं ज्यादा गंभीर मामला है, क्योंकि इससे बैकअप सिस्टम भी प्रभावित होते हैं. मुश्किलों को और बढ़ाते हुए, उसी समय यानी 9:32 बजे ऑटोपायलट भी बंद हो गया और बाएं और दाएं एलिवेटर कंट्रोल (जो विमान को ऊपर-नीचे करने में मदद करते हैं) में खराबी का सिग्नल मिला. इसके कुछ ही देर बाद, दो इमरजेंसी एग्जिट गेट्स की चेतावनी मिली.एक सुबह 9:33 बजे (दायां सामने का दरवाजा) और दूसरा सुबह 9:35 बजे (दायां पिछला दरवाजा).

फिर सुबह 10:16 बजे, इंजन 1 के एंटी-आइस सिस्टम में वॉल्व प्रेशर की समस्या से जुड़ी खराबी दिखाई दी और सुबह 10:52 बजे ऑटोपायलट फिर से डिस्कनेक्ट हो गया.

क्या एयर इंडिया ने छिपाई यह जानकारी?

बता दें कि इस तरह की रिपोर्ट में ‘चेतावनी’ का मतलब हमेशा सिस्टम का पूरी तरह से फेल होना नहीं होता है. आधुनिक विमानों को कई लेयर वाली रिडंडेंसी (सिक्योरिटी के लिए एक्स्ट्रा सिस्टम) के साथ बनाया जाता है और पायलटों को ठीक इन्हीं स्थितियों के लिए ट्रेनिंग दी जाती है, लेकिन हाइड्रोलिक और फ्लाइट-कंट्रोल से जुड़ी कई चेतावनियों का एक साथ आना ऐसी घटना है, जिसकी मेंटेनेंस और सेफ्टी टीमें भी बारीकी से जांच करेंगी. एयर इंडिया के बयान में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि विमान को गंभीर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा.

इस रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा उस पायलट के बारे में है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उड़ान के बाद हुई जांच में वह साइकोएक्टिव पदार्थों (नशीले पदार्थों) के लिए पॉजिटिव पाया गया था.

पायलट ने किया वीड का सेवन!

कुछ समय बाद एक और टेस्ट किया गया और सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि वह भी पॉजिटिव आया. खास तौर पर, टेस्ट से कथित तौर पर साबित हुआ कि पायलट ने मारिजुआना (जिसे ‘वीड’ कहा जाता है) का सेवन किया था.

 एयरलाइन की इंटरनल फ्लाइट सेफ्टी रिपोर्ट के मुताबिक, प्लेन के पायलट सुदीप वशिष्ठ ‘नींद न आने की समस्या’ के लिए दवा ले रहे थे.

को-पायलट उड़ा रहा था प्लेन

पायलट ने फ्लाइट सेफ्टी से जुड़े एक बयान में कहा, ‘पिछले कुछ समय से मुझे निजी कारणों से नींद न आने की समस्या हो रही थी, जिसके लिए मेरे फैमिली डॉक्टर ने मुझे दवा दी थी.’ सूत्रों ने बताया कि जब प्लेन अचानक 300 फीट नीचे गिरा, तब वशिष्ठ अपनी सीट पर नहीं थे और को-पायलट प्लेन उड़ा रहा था. पायलट हवा में ऊपर की ओर उछल गए, साथ ही कॉकपिट में रखी चीजें भी ऊपर उठ गईं. इसी दौरान प्लेन के पिछले हिस्से में बैठे जिन लोगों ने सीट बेल्ट नहीं बांधी थी, उन्हें गंभीर चोटें आईं. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है.

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