बिहार के छात्रों के लिए जल्द ही केंद्रीय विद्यालयों का दायरा बढ़ने वाला है. केंद्र सरकार ने राज्य के 18 जिलों में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद अब इन विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बिहार सरकार जमीन उपलब्ध कराएगी. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने बताया कि 18 में से 12 जिलों में जमीन पहले ही उपलब्ध करा दी गई है, जबकि बाकी 6 जिलों में भी अगले कुछ महीनो के अंदर भूमि उपलब्ध करा दी जाएगी.
इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से आवश्यक प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है. मंत्री ने इसे बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि नई केंद्रीय विद्यालय खुलने से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधा मिलेगी और एजुकेशन क्वालिटी का दायरा भी बढ़ेगा.
12 जिलों में जमीन उपलब्ध, बाकी जिलों में प्रक्रिया जारी
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में केंद्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने की कवायद तेज कर दी है. मंत्री डॉ. दिलीप जायसवाल ने विभागीय अधिकारियों और संबंधित जिलों के प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि जहां अभी भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है, वहां उपयुक्त जमीन का चयन जल्द पूरा किया जाए. उन्होंने कहा कि जिन जिलों में भूमि चिन्हित हो चुकी है, वहां आगे की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जाएगी. जबकि 6 जिलों में भी जल्द ही जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन या शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे नए केंद्रीय विद्यालय
सरकार के अनुसार नए केंद्रीय विद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान और कंप्यूटर लैब के साथ अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को तकनीकी आधारित शिक्षा मिल सके. इसके अलावा खेल एक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए बड़े खेल मैदान और दूसरी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी.
पहली बार बाल वाटिका की भी होगी व्यवस्था
नई मंजूरी की खास बात यह है कि इन केंद्रीय विद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप पर 3 साल के पूर्व प्राथमिक स्तर यानी बाल वाटिका की व्यवस्था भी शुरू की जाएगी. इससे छोटे बच्चों को शुरुआती स्तर से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की योजना है. वहीं आपको बता दें कि फिलहाल देशभर में 1288 केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें तीन विद्यालय विदेश में भी है. इन स्कूलों में लाखों विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. केंद्र सरकार पहले भी केंद्रीय विद्यालयों के विस्तार को मंजूरी दे चुकी है और अब नई स्वीकृति के तहत कई राज्यों में एक्स्ट्रा विद्यालय खोले जाएंगे
