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मणिपुर का वांछित उग्रवादी दिल्ली से गिरफ्तार, फर्जी पहचान के सहारे होटल में छिपा था आरोपी

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बीते दिन प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया. आरोपी की पहचान 35 वर्षीय आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी के रूप में हुई, जो कि मणिपुर के थौबल थाने में दर्ज UAPA के दो मामलों में वांछित था. गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए मणिपुर पुलिस को सौंप दिया है.

वहीं, इस मामले पर DCP क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा ने कहा, “यह RK रीगन सिंह उर्फ ​​गांधी नाम का एक मिलिटेंट है. वह खुद को गांधी कहता था और इसी नाम से जाना जाता था. वह मणिपुर का रहने वाला है. वह पीपल्स लिबरेशन आर्मी से है, जो एक अलगाववादी ग्रुप और एक बैन मिलिटेंट संगठन है. हमें जानकारी मिली कि वह दिल्ली में कहीं छिपा हुआ है. हमें जानकारी मिली थी कि वह PLA के कर्नल-रैंकिंग के एक ऑफिसर का राइट-हैंड है. वह एक मिलिटेंट है और ग्राउंड लेवल पर बिजनेस एक्टिविटी करता है, जैसे जबरदस्ती कॉन्ट्रैक्ट लेना, रोड कॉन्ट्रैक्ट हासिल करना, एक्सटॉर्शन करना और दूसरों को कॉन्ट्रैक्ट हड़पने के लिए धमकाना. वह अपनी पहचान छिपाकर दिल्ली में रह रहा था. वह यहां एक मेडिकल पेशेंट के साथ अटेंडेंट के तौर पर आया था. वह एक ऐसे होटल में रुका हुआ था जिसके बाहर कोई साइनबोर्ड नहीं था और उसने नकली आइडेंटिटी प्रूफ का इस्तेमाल करके चेक इन किया था. जब हमने उसे पकड़ा, तब भी उसने अपनी पहचान नहीं बताई. उसने हमें एक गलत नाम बताया और लगभग हमें यह यकीन दिलाने के लिए तैयार था कि वह वह व्यक्ति नहीं है जिसे हम ढूंढ रहे थे. हालांकि, जब हमें उसकी फोटो मिली, तो हमने उसकी पहचान कन्फर्म की और उसे पकड़ लिया. वह अभी भी ऑर्गनाइजेशन से एक्टिव रूप से जुड़ा हुआ है. वह ऑर्गनाइजेशन को फैसिलिटेट और फंड करता है. उसके मामा इस ऑर्गनाइजेशन के फाउंडिंग मेंबर थे. उसके खिलाफ दो UAPA केस और कुछ एक्सटॉर्शन केस भी हैं.”

गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई तलाश

डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदौरा के मुताबिक, इंस्पेक्टर प्रकाश चंद को 3 सितंबर 2026 को सूचना मिली थी कि PLA का एक वांछित सदस्य दिल्ली में छिपा हुआ है. इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई. पुलिस ने तकनीकी निगरानी और स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाकर उसकी तलाश शुरू की. जांच के दौरान आरोपी की संभावित लोकेशन एम्स के आसपास मिली. पुलिस टीम वहां पहुंची, लेकिन अस्पताल में इस नाम का कोई मरीज भर्ती नहीं मिला. इसके बाद यूसुफ सराय, सफदरजंग एन्क्लेव और ग्रीन पार्क के होटलों में तलाशी ली गई. पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली. शुरुआत में आरोपी की तस्वीर उपलब्ध नहीं होने के कारण उसकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था.

यूसुफ सराय से पकड़ा गया संदिग्ध

लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने यूसुफ सराय इलाके से पूर्वोत्तर भारत के एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा. पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान छिपाई और किसी भी उग्रवादी संगठन से संबंध होने से इनकार किया. इसके बाद पुलिस ने उसकी तस्वीर मणिपुर पुलिस को भेजी। मणिपुर पुलिस ने तस्वीर के आधार पर पुष्टि की कि पकड़ा गया व्यक्ति आरके रेगन सिंह उर्फ गांधी ही है. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके चाचा PLA के संस्थापक सदस्यों में शामिल थे. बाद में वह खुद भी इस संगठन से जुड़ गया था. पुलिस ने उसे प्रतिबंधित PLA/RPF का सक्रिय सदस्य बताया है.

मणिपुर में दर्ज हैं दो मामले

आरके रेगन सिंह के खिलाफ मणिपुर के थौबल थाने में दो मामले दर्ज हैं. इनमें पहला मामला 2024 का है, जिसमें जबरन वसूली, धमकी और UAPA की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. वहीं, दूसरा मामला 2026 में UAPA की धारा 20 के तहत दर्ज हुआ था. दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आरोपी की पहचान की पुष्टि और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे मणिपुर पुलिस के हवाले कर दिया। अब मणिपुर पुलिस दोनों मामलों में उससे पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी.

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