Headlines

महंगाई का झटका! दही से लेकर फुल क्रीम मिल्क तक सब कुछ हुआ महंगा, जानिए क्या है नया रेट?

तमिलनाडु में आम जनता की जेब पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। यहां प्रमुख प्राइवेट डेयरियों ने दूध और दही के रिटेल प्राइस में तत्काल बढ़ोतरी कर दी है. इस फैसले के बाद राज्य के दूध एजेंटों ने सरकारी सहकारी संस्था ‘आविन’ के दूध की सप्लाई प्रभावित होने की चेतावनी देते हुए सरकार से रिव्यू करने की मांग की है। तमिलनाडु में कई प्रमुख प्राइवेट कंपनियों ने दूध के दाम 4 रुपये प्रति लीटर और दही की कीमत में 2 रुपये किलो तक का इजाफा कर दिया है. इससे पहले आरोग्या ब्रांड ने 21 सितंबर को अपनी दर में इजाफा किया था। इसके बाद अब हेरिटेज, तिरुमाला और जर्सी जैसी अन्य बड़ी डेयरियों ने भी रेट बढ़ा दिये हैं।

दामों में बदलाव के बाद 500 मिली टोन्ड मिल्क के पैकेट की कीमत 31 रुपये से बढ़कर 32 रुपये हो गई है. वहीं स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क 35 रुपये से बढ़कर 37 रुपये और फुल क्रीम दूध 40 रुपये से बढ़कर 42 रुपये का हो गया है. एक लीटर वाले पैकेट की बात करें तो टोन्ड मिल्क 61 रुपये, स्टैंडर्डाइज्ड मिल्क 70 रुपये और फुल क्रीम मिल्क 81 रुपये में मिलेगा. इसके अलावा 500 ग्राम दही के पैकेट पर भी 1 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है.

‘आविन’ पर बढ़ेगा सप्लाई का भारी दबाव

तमिलनाडु मिल्क एजेंट्स वर्कर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष पोन्नुसामी ने कहा है कि प्राइवेट डेयरियों द्वारा दाम बढ़ाने से सरकारी ‘आविन’ दूध और प्राइवेट दूध की कीमतों के बीच काफी बड़ा अंतर आ गया है. टोन्ड दूध में यह अंतर 7 रुपये, मानकीकृत दूध में 15 रुपये और फुल क्रीम दूध में 12 रुपये प्रति पैकेट तक पहुंच गया है. इस भारी अंतर के कारण कम और मध्यम आय वाले परिवार आविन दूध की तरफ रुख करेंगे, जिससे बाजार में आविन की भारी कमी पैदा हो सकती है.

आविन को हो रहा है बड़ा नुकसान

एसोसिएशन का दावा है कि आविन दूध की खरीद लागत तो बढ़ गई है लेकिन इसकी खुदरा बिक्री दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसके चलते आविन को औसतन 15 रुपये प्रति लीटर से अधिक का घाटा उठाना पड़ रहा है. सरकार ने हाल ही में किसानों से आविन की दूध खरीद दर में 6 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था, जिसके बाद प्राइवेट डेयरियों ने भी किसानों से दूध जुटाने के लिए खरीद मूल्य बढ़ा दिया और उसका पूरा बोझ ग्राहकों पर डाल दिया.

एजेंट एसोसिएशन ने सरकार से की यह मांग

दूध एजेंटों के संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि राज्य में दूध के उत्पादन, खरीद, वितरण और बिक्री की देखरेख के लिए एक अलग समर्पित विभाग बनाया जाए. इसके साथ ही उन्होंने आविन की खुदरा कीमतों की समीक्षा करने और प्राइवेट कंपनियों से बार-बार दाम न बढ़ाने की अपील की है ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *