पंजाब के मानसा में नशा-विरोधी अभियान चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. इस बीच अब गुरदासपुर में ड्रग्स मामले में ही एक और हत्या की खबर आई है. गुरदासपुर श्री हरगोबिंदपुर साहिब के गांव माड़ी पन्नवां में नशा बेचने से रोकने पर तीन व्यक्तियों पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया गया. हमने में बिक्रमजीत सिंह की मौत हो गई है जबकि निशान सिंह और गुरमुख सिंह गंभीर रूप से घायल हैं.
जानकारी के मुताबिक, गांव में नशा बेचने वाले रोजाना गली में खड़े रहते हैं, जिसके कारण महिलाओं का गुजरना मुश्किल हो जाता है. गुरुवार (15 अक्टूबर) को जब उन्हें नशा बेचने से रोका गया तो उन्होंने बिक्रमजीत और उसके साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल बिक्रमजीत की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि ये हमलावर हथियारों से लैस थे और उनकी संख्या 15 से ज्यादा थी.
परविंदर झोटा हत्या के विरोध में पंजाब बंद
मालूम हो, बीते गुरुवार, 15 अक्टूबर को पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में ‘पंजाब बंद’ किया गया था, जिसका असर राज्यभर में देखने को मिला. बाजार और शिक्षण संस्थान बंद रहे और प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर सड़कें जाम कर दीं, जिससे यातायात बाधित हुआ. झोटा के परिवार ने कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल, भारतीय जनता पार्टी (BJP), अकाली दल वारिस पंजाब दे, संयुक्त किसान मोर्चा और अन्य किसान संगठनों तथा राज्य सरकार के कर्मचारी संगठनों के समर्थन से ‘पंजाब बंद’ का आह्वान किया था.
नशीले पदार्थों और दवा की दुकानों पर नशीली दवाओं की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पहचाने जाने वाले झोटा की मंगलवार (13 अक्टूबर) को मानसा बाजार में दवा की एक दुकान के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार, झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेचने को लेकर दुकानदार अश्वनी कुमार से सवाल किया था, जिसके बाद उसने झोटा पर गोली चला दी.
