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Live: मोदी देश से कर रहे हैं ‘मन की बात’, सूखा-गर्मी पर चिंता
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- April 24, 2016
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात में देश को संबोधित कर रहे हैं। मोदी ने अपने संदेश में देश में पड़ रहे सूखे पर बात की-
Live: मोदी देश से कर रहे हैं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मासिक रेडियो प्रोग्राम मन की बात में देश को संबोधित कर रहे हैं। मोदी ने अपने संदेश में देश में पड़ रहे सूखे पर बात की-
भयंकर गर्मी ने चारों तरफ सारा मज़ा किरकिरा कर दिया है
जब लगातार सूखा पड़ता है, तो पानी-संग्रह के जो स्थान होते हैं, वो भी कम पड़ जाते हैं
एन्क्रोच्मेंट के कारण, सिलटिंग के कारण, पानी के प्रवाह में रुकावटों के कारण, जलाशय भी अपनी क्षमता से काफी कम पानी संग्रहीत करते हैं
सूखे से निपटने के लिए नागरिक भी बहुत ही अच्छे प्रयास करते हैं
महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले के हिवरे बाज़ार ग्राम पंचायत पानी की समस्या से निपटने के लिए क्रॉपिंग पैर्टन को बदल दिया। पानी ज्यादा उपयोग करने वाली फसलों को छोड़ने का निर्णय लिया। उन्होंने स्प्रिंगलर, टपक सिंचाई, वॉटर हारवेस्टिंग, वॉटर रिचार्जिंग जैसे कदम उठाए
मैं देश के ऐसे सभी गांववासियों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं आपके इस उत्तम काम के लिए
मध्य प्रदेश में देवास में गोरखा गांव पंचायत करीब 27 फार्म पाउंडबनाए, जिसके कारण ग्राउंड वॉटर लेवल में बढ़ोतरी हुई, पानी ऊपर आया।
एमपी में देवास में गोरखा गांव पंचायत में कृषि उत्पादन में 20 प्रतिशत वृद्धि हुई
जिस तेजी से रेलवे ने लातूर में पानी पहुंचाया है, रेलवे बधाई का पात्र है
इस बार 106% से 110 % वर्षा की संभावना, एक बहुत बड़ा शान्ति का सन्देश लाया है
क्या हम गांव-गांव पानी बचाने के लिए अभी से अभियान चला सकते हैं
इस बार गांव के तालाबों से मिट्टी उठा-उठा करके खेतों में ले जाएं, तो खेत की ज़मीन भी ठीक होगी, तो उसकी जल-संचय की ताकत भी बढ़ जाएगी
जितना पानी हो सकता है, रोकना चाहिए
जल संकट से निपटने के लिए सामूहिक प्रयत्नों की जरूरत
मन की बात कार्यक्रम का मकसद देश के दूरदराज इलाकों में रहने वालों से रेडियो के जरिए जुड़ना है। मन की बात का पहला कार्यक्रम 3 अक्तूबर 2014 को प्रसारित हुआ था। अपने पिछले कार्यक्रम में मोदी ने फीफा और क्रिकेट पर बात की था। उन्होंने छात्रों से अपनी छुट्टियों के दौरान कुछ सार्थक कार्य करने की अपील की साथ ही लोगों से मधुमेह और देश से टीबी जैसी बीमारी को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया था।