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रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समीक्षा की मुख्य 10 बातें
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- August 03, 2017
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रिजर्व बैंक ने आज द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में निवेशकों को सस्ते कर्ज का तोहफा दे दिया है. आरबीआई ने क्रेडिट पॉलिसी में रेपो रेट 0.25 फीसदी घटाया जिसके बाद नई रेपो दर 6.25 फीसदी से घटकर 6 फीसदी रह गई है. वहीं रिवर्स रेपो दर घटकर 5.75 फीसदी पर आ गई है. वहीं मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी यानी एमएसएफ दर और बैंक रेट भी 0.25% की कटौती के बाद 6.5 फीसदी से घटकर 6.25 फीसदी हो गई है. एमपीसी की अगली बैठक आने वाली तीन-चार अक्तूबर को होगी और 4 अक्टूबर को आरबीआई अगली क्रेडिट पॉलिसी पेश करेगा.
रिजर्व बैंक द्वारा आज पेश की गई मॉनिटरी पॉलिसी की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
प्रमुख नीतिगत दर रेपो 0.25 फीसदी घटाकर 6.0 फीसदी की गयी. रिवर्स रेपो दर 0.25 फीसदी घटाकर 5.75 फीसदी की गयी.खुदरा मुद्रास्फीति को लगातार आधार पर 4 फीसदी पर रखने पर जोर. महंगाई को लेकर कुछ जोखिम कम हुए हैं. एमपीसी लगातार महंगाई पर नजर बनाए हुए है.चालू वित्त वर्ष के लिये आर्थिक विकास दर के अनुमान को 7.3 फीसदी पर बरकरार रखा गया.निजी निवेश में नई जान डालने, इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाओं को दूर करने और प्रधानमंत्री आवास योजना पर विशेष जोर देने की जरूरत.विदेशी मुद्रा भंडार 28 जुलाई को 392.9 अरब डॉलर पहुंचा.मौद्रिक नीति समिति के चार सदस्यों ने 0.25 फीसदी कटौती के के पक्ष में मतदान किया.राज्यों में की जा रही कृषि कर्ज माफी से राजकोषीय लक्ष्य बिगड़ने और पब्लिक एक्सपेंडीचर की गुणवत्ता घटने का जोखिम.सरकार, रिजर्व बैंक वसूली में फंसे बड़े कर्जों की समस्या के समाधान के लिये मिलकर काम कर रहे हैं.बैंकों और कंपनियों की बैलेंस शीट की कमजोरी से नये निवेश पर असर आने की आशंका.जीएसटी और राज्यों में वेतन बढ़ोतरी से भी महंगाई बढ़ सकती है.
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