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यूपीपीएससी का बड़ा फैसला, आरक्षण का लाभ लिया तो अनारक्षित श्रेणी में नहीं होगा चयन
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- February 09, 2020
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने एक अहम फैसला लेते हुए प्रदेश की प्रशासनिक सेवाओं सहित अन्य भर्तियों में आरक्षित वर्ग की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. नए नियम के मुताबिक यूपीपीएससी की पीसीएस (PCS) समेत अन्य सभी परीक्षाओं के अंतिम चयन परिणाम में अनारक्षित वर्ग में आरक्षित वर्ग की ओवरलैपिंग नहीं हो सकेगी.
अब किसी भी स्तर पर आरक्षण का लाभ लेने वाले अभ्यर्थी को उसकी अपनी ही श्रेणी में चयन किया जाएगा. अनारक्षित के बराबर या अधिक कटऑफ अंक होने के बावजूद आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी की अनारक्षित वर्ग में ओवरलैपिंग नहीं कराई जाएगी. इस व्यवस्था में स्क्रीनिंग परीक्षा को भी शामिल किया गया है, ऐसे में आयोग का यह निर्णय सीधी भर्ती पर भी लागू होगा.
इससे पहले की व्यवस्था में अगर कोई अभ्यर्थी किसी भी स्तर पर आरक्षण का लाभ लेता था और अंतिम चयन परिणाम में उसका कटऑफ अनारक्षित वर्ग के कटऑफ अंक के बराबर या अधिक होता था, तो उसे ओवरलैप कराकर अनारक्षित वर्ग में चयनित कर लिया जाता था. जिसमें आयोग ने अब बदलाव किया है. यानी पहले एससी/एसटी वर्ग का कोई अभ्यर्थी यदि जनरल कैटेगरी के कटऑफ के बराबर अंक लाता था तो उसका चयन इसी श्रेणी में हो सकता था. अब यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई है.
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की बैठक में निर्णय लिया गया कि किसी भी परीक्षा, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार और स्क्रीनिंग परीक्षाएं शामिल हैं, वहां किसी भी स्तर पर अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं ईडब्ल्यूएस आरक्षण का लाभ लेने की स्थिति में संबंधित अभ्यर्थी को उसी की श्रेणी में चयनित किया जाएगा, भले ही अंतिम चयन परिणाम में उसका कटऑफ अनारक्षित वर्ग के बराबर या अधिक हो.
यूपीपीएससी सचिव जगदीश ने कहा, ”उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने अपने स्तर से यह निर्णय नहीं लिया है, बल्कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आयोग ने यह बदलाव किया है.” वहीं, दूसरी ओर अगर आरक्षित वर्ग का कोई अभ्यर्थी किसी भी स्तर पर आरक्षण का लाभ नहीं लेता है और प्री, मेंस, इंटरव्यू, स्क्रीनिंग में शुरू से उसका कटऑफ अंक अनारक्षित वर्ग के बराबर या अधिक होता है और अंतिम चयन परिणाम में भी यही स्थिति बनी रहती है तो उसे पूर्व की भांति ही अनारक्षित वर्ग में चयनित माना जाएगा.
यह स्थिति तभी उत्पन्न हो सकती है जब आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी ने संबंधित भर्ती फॉर्म में आरक्षण के लिए आवेदन ही न किया हो और उसका कटऑफ अंक जनरल कैटेगरी के कटऑफ अंक के बराबर हो तो वह इस वर्ग में चयन के योग्य माना जाएगा.