जीवनशैली
ऑस्टियोपोरोसिस को अनदेखा न करें, कहीं बन ना जाए साइलेंट डिजीज
- 495 Views
- November 14, 2016
- By sochindia
- in जीवनशैली, समाचार
- 0 Comments
- Edit
ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को कमजोर कर देने वाली बीमारी है, जिससे हड्डियां आसानी से टूट जाती हैं. इससे मुख्य रूप से हिप्स, कलाई और रीढ़ की हड्डियां प्रभावित होती हैं. इस रोग में हड्डियां इस हद तक कमजोर हो जाती हैं कि कुर्सी उठाने या झुकने में भी वे टूट जाती हैं.
महिलाओं को ज्यादा होता है ऑस्टियोपोरोसिस-
आमतौर पर महिलाओं में इसके होने की आशंका अधिक होती है, जिसका मुख्य कारण 40 की उम्र के बाद महिलाओं में मीनोपॉज होना है और उनके शरीर में कैल्शियम की कमी होने लगती है.
दुनियाभर में करोड़ों लोगों को है ये बीमारी-
डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 20 करोड़ लोगों को 40 की उम्र के बाद ये बीमारी होती है इसमें हड्डियां बेहद कमजोर और आसानी से टूट जाती हैं.
एनआईएच (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ) के अनुसार, अमेरिका के करीब 3.40 करोड़ लोगों को यह समस्या होती है.
ऑस्टियोपोरोसिस का कारण-
ऑस्टियोपोरोसिस होने का मुख्य कारण हड्डियों में कैल्शियम की कमी होती है. इसके अतिरिक्त विटामिन डी की कमी भी इसके लिए जिम्मेदार होती है. आमतौर पर यह देखा जाता है कि 15 पर्सेंट लोगों को यह 50 की उम्र के बाद और 70 पर्सेंट लोगों को ये 80 की उम्र के बाद अपनी चपेट में लेता है.
इससे केवल महिलाएं ही नहीं, बल्कि पुरुष भी प्रभावित होते हैं. लेकिन महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में इसके होने की आशंका कम होती है. पुरुषों में इसके लिए टेस्टेस्टेरोन की कमी जिम्मेदार होती है.
लक्षणऔर जांच-
इसके कोई ऐसे लक्षण नहीं हैं, जिससे कि किसी इंसान को सामान्य रूप से यह देख कर पता चल पाए कि उसे यह बीमारी है, इसलिए इसे एक साइलेंट डिजीज भी कहते हैं.
इसकी जांच दो तरह से की जाती है. इसका पता एक्स रे होने के बाद ही चलता है.
बचाव के लिए क्या करें-
- 30 की उम्र के बाद समय-समय पर किसी अच्छे डॉक्टर से अपनी जांच कराते रहें, जिन लोगों की ऐज 50 से अधिक हो चुकी है.
- वे नियमित डॉक्टर की सलाह से कैल्शियम, विटामिन डी की गोली लेते रहें.
- इसके अलावा, व्यायाम करना भी किसी भी रोग से बचने के लिए बहुत जरूरी होता है.