खेल
आईपीएल का हर कप्तान क्यों चाहता है एक ही चीज
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- April 14, 2018
- By admin
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सभी जानते हैं कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है. सभी जानते हैं कि मैच जीतने के लिए अच्छा खेल दिखाना पड़ता है. सभी जानते हैं कि पुराने रिकॉर्ड्स काम नहीं आते, कुछ काम आता है तो वो है मौजूदा प्रदर्शन. बावजूद इसके आईपीएल के इस सीजन में सभी टीमों के कप्तान एक ही काम करना चाहते हैं. वो काम है बाद में बल्लेबाजी करना यानी लक्ष्य का पीछा करना.
इस सीजन में अब तक खेले गए 8 मैचों में से एक मैच का फैसला डकवर्थ लुइस नियम के तहत हुआ था. अपवाद के तौर पर उसे छोड़ देते हैं. उसके अलावा पहले हफ्ते में खेले गए बाकी सभी सात मैचों में वही टीम जीती है जिसने बाद में बल्लेबाजी की है. हालत ऐसी है कि अब तो कप्तान पहले बल्लेबाजी करनी है या बाद में पर दिमाग ही नहीं खर्च कर रहे.
बाद में बल्लेबाजी का फॉर्मूला हिट चल रहा है इसलिए टॉस जीतने के बाद बगैर देरी किए कप्तानों ने तय किया है कि उनकी टीम पहले फील्डिंग करेगी. आईपीएल के इस सीजन की शुरूआत चेन्नई सुपर किंग्स बनाम मुंबई इंडियंस के मैच से हुई थी. उस मैच से लेकर अब तक यही ट्रेंड कायम है. सिलसिलेवार अब तक खेले गए सभी मैचों के नतीजों का आंकलन कर लेते हैं.
बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती है सभी मैच
आईपीएल के इस सीजन के पहले मैच में चेन्नई ने मुंबई को 1 विकेट से हराया था. अगले मैच में किंग्स इलेवन पंजाब ने दिल्ली डेयरडेविल्स को 6 विकेट से हराया. सीजन के तीसरे मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को 4 विकेट से हराया. चौथे मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 9 विकेट के बड़े अंतर से हराया.
पांचवें मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को पांच विकेट से हराया. इसके बाद वाले मैच में दिल्ली और राजस्थान रॉयल्स का मुकाबला था. मैच के दौरान बारिश हो गई. बारिश की वजह से खेल काफी देर तक रूका रहा. बाद में ओवर कम करने पड़े. डकवर्थ लुइस नियम लागू हुआ. इस वजह से इस सीजन का ये इकलौता मैच हुआ जिसमें पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम जीती.
सातवे मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस को 1 विकेट से हराया. आठवें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने किंग्स इलेवन पंजाब को 4 विकेट से हराया. इतने सारे नतीजे कप्तानों के इस भरोसे को बढ़ाने के लिए काफी हैं कि अगर सिक्का आपके साथ है तो पहले गेंदबाजी का फैसला ही करना है. ये फैसला अब तक इस सीजन में जीत की गारंटी साबित हुआ है.
बाद में बल्लेबाजी करना क्यों फायदेमंद है
बाद में बल्लेबाजी करने का सबसे बड़ा फायदा है कि टीम को अपना लक्ष्य पता होता है. इसका सबसे बड़ा मनोवैज्ञानिक फायदा ये होता है कि उस लक्ष्य के हिसाब से कप्तान अपने प्लान में बदलाव कर सकता है. बल्लेबाजी क्रम में जरूरत के मुताबिक फेरबदल कर सकता है. मैच की रफ्तार को घटा-बढ़ा सकता हैं. ऐसा अब तक खेले गए मैचों में देखने को मिला भी है.
चेन्नई को कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ जिस मैच में 200 से ज्यादा रनों के लक्ष्य का पीछा करना था, कप्तान धोनी बैटिंग ऑर्डर में ऊपर आए थे. इसके अलावा हर टीम में टीम इंडिया का कोई ना कोई खिलाड़ी है. जिसने देखा है टीम इंडिया भी लक्ष्य का पीछा करने में ‘कम्फर्टेबल’ रहती है. जाहिर है आईपीएल में वो अपनी फ्रेंचाइजी के लिए भी उसी नियम को लागू करता है.
इसके अलावा बाद में गेंदबाजी करने वाली टीम को ड्यू का सामना भी करना पड़ता है. हल्की सी भी ड्यू स्पिन गेंदबाजों के साथ साथ तेज गेंदबाजों को परेशान करती है. स्पिनर्स गेंद को अच्छी तरह ‘ग्रिप’ नहीं कर पाते हैं. इसी वजह से कई बार तेज गेंदबाजों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है. तेज गेंदबाज कोशिश तो करता है यॉर्कर गेंद फेंकने की, लेकिन यॉर्कर की बजाए गेंद बल्लेबाज को सीधे ‘फुलटॉस’ मिलती है.