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अहमदाबाद के कालुपुर स्टेशन ब्लास्ट और 108 किलो चरस भेजने वाले 2 आतंकी कश्मीर से पकड़े गए
गुजरात में आतंकी षडयंत्र के खिलाफ गुजरात एटीएस की टीम को बड़ी सफलता हासिल हुई है। कश्मीर में छुपे लश्करी-ए-तोयबा के सक्रिय आंकती को गिरफ्तार कर लिया गया है। आतंकी ने अभी तक गुजरात से 15 युवकों को पीओके में ट्रेनिंग के लिए भेजा था। वर्ष 2006 में कालुपुर रेल्वे स्टेशन पर हुए ब्लास्ट से जुड़े जेहादी षडयंत्र में आरोपी फरार था, जिसे कश्मीर के बारामुला से गिरफ्तार किया गया है, जबकि 108 किलो चरस का जत्था गुजरात में भेजने के लिए जिम्मेदार आरोपी को भी अनंतनाग से गिरफ्तार कर लिया गया है।
इस तरह 15 सालों से फरार दो आरोपियों को जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को राज्य के पुलिस प्रमुख आशिष भाटिया ने पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए इस ऑपरेशन में शामिल पुलिस जवानों की प्रशंसा की है। दो आरोपियों से एक आरोपी बिलाल अस्लम अहमदाबाद ब्लास्ट से जुड़ा है, जबकि दूसरा आरोपी कश्मीरी गुजरात में चरस पहुंचाने का आरोपी है।
15 सालों से बिलाल अस्लम कश्मिरी वांटेड था
गौरतलब है कि वर्ष 2006 में कालुपुर रेल्वे स्टेशन के पास बम ब्लास्ट हुआ था। इस केस में बिलाल पिछले 15 सालों से वांटेड था। बिलाल की पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए बताया गया कि ब्लास्ट से पहले आतंकवादियों
को केरल के मदरसा में ट्रेनिंग दी गई थी। सुरक्षा एजेंसियों ने इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी है।
बता दें कि एक महीने पहले ही गुजरात एटीएस द्वारा अहमदाबाद के कालुपुर रेल्वे स्टेशन पर 19 फरवरी 2006 में हुए ब्लास्ट केस के एक आरोपी अब्दुल रजाक गाजी को पश्चिम बंगाल पुलिस की मदद से बांग्लादेश बॉर्डर के पास बसीरहाट से गिरफ्तार किया गया था।