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अब छोटे शहरों के बीच घटेंगी दूरियां, 128 रास्तों पर शुरु होगी सस्ती उड़ान सेवा
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- March 30, 2017
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कानपुर से वाराणसी और जयपुर से आगरा के बीच सीधी उड़ान शुरु होगी. इन उड़ानों पर आधी सीट 2500 रुपये की दर पर उपलब्ध होगी. सरकार ने क्षेत्रीय उड़ान सेवा के तहत 128 रास्तों पर उड़ान को मंजूरी दे दी.
छह एय़रलाइन कंपनियां, स्पाइसजेट, अलायंस एय़र, एयर डेक्कन, एय़र ओडिशा, और टब्रो मेघा ने उड़ान योजना के तहत सस्ती उड़ानें शुरु करेंगी. ये उड़ानें 19 से लेकर 78 सीटों वाले विमानों के जरिए मुहैया कराए जाएंगे और इनमें से आधी सीटें एक घंटे की उड़ान के लिए 2500 रुपये पर उपलब्ध होंगी. सरकार की ओर से सूची के मुताबिक,
कानपुर से वाराणसी के बीच सितम्बर में एयर ओडिशा की उड़ान शुरु होगी जबकि कानपुर से दिल्ली के लिए स्पाइसेजट की सेवा अगस्त में औऱ एयर ओडिशा की सेवा सितम्बर में शुरु होगी.अलायंस एय़र आगरा से जयपुर की उड़ान जून में शुरु करेगी जबकि अगस्त में एय़र डेक्कन ने आगरा और दिल्ली के बीच उड़ान सेवा शुरु करने की योजना बनायी है.दिल्ली से शिमला के बीच अलायंस एय़र और एयर डेक्कन, दोनों ने ही अगले महीने सेवा शुरु करने का लक्ष्य रखा है.मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर से विलासपुर और और बिलासपुर से रायपुर के बीच सितम्बर में एय़र ओडिशा अपनी सेवा शुरु करेगी.सितम्बर में ही जगदलपुर से रायपुर और विशाखापत्तनम के बीच सेवाए शुरु हो जाएंगी.
एय़रलाइन कंपनियों का कहना है कि नयी व्यवस्था शुरु करने में चुनौतियां तो है, लेकिन कारोबार बढ़ने की भारी संभावनाएं भी.
सरकार का कहना है कि नयी व्यवस्था के जरिए
कुल 33 नए हवाई अड्डों से उड़ान सेवा उपलब्ध होगी. अभी तक कुल मिलाकर 76 हवाई अड्डो से सेवाएं उपलब्ध है.इसके अलावा 12 ऐसे हवाई अड्डो से भी उड़ान मिलेगी, जहां अभी बिल्कुल ही नहीं के बराबर उड़ान है. मसलन, कानपुर, आगरा और ग्वालियर) अगले दो सालों के भीतर 50 और हवाई अड्डों को व्यावसायिक तौर पर उड़ान शुरु करने के लायक बनाना है.क्षेत्रीय उड़ानों के लिए नए सिरे से बोली लगाने का एक और दौर जल्द शुरु होगा.
देश में हवाई यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. फरवरी में करीब 85 लाख लोगों ने हवाई सफर किया, वहीं पूरे 2016 के दौरान करीब 10 करोड़ लोगों ने सफर किया. वैसे तो हवाई यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी की दर 23 फीसदी से भी ज्यादा है, लेकिन 131 करोड़ की आभादी वाले देश में महज 10 करोड़ हवाई यात्री, काफी कम लगते हैं. इसीलिए अब सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग हवाई सफर करें और उड़ान की योजना इसी मकसद से शुरु की गयी.