राजनीति
अब कुमार विश्वास पर दंगल, पहले ये नेता छोड़ चुके हैं केजरीवाल का साथ
आम आदमी पार्टी में कुमार विश्वास को लेकर फिर सियासत तेज हो गई है. पार्टी के दो बड़े नेताओं दिलीप पांडे और फिर दीपक वाजपेयी ने कुमार विश्वास पर सवाल खड़े किए तो शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के दफ्तर के पास एक पोस्टर लगा मिला जिसमें कुमार विश्वास को बीजेपी का यार बताते हुए पार्टी से बाहर करने की मांग की गई थी. हालांकि, पार्टी इसे विपक्ष की साजिश बता रही है.
केजरीवाल अमानतुल्ला के बीच करीबी
हाल के दिनों में हुई दो घटनाएं इस बात की ओर इशारा कर रही हैं कि कुमार विश्वास को लेकर सबकुछ ठीक नहीं है. कुमार विश्वास के खिलाफ बयान देने वाले विधायक अमानतुल्ला खान के घर इफ्तार पार्टी में सीएम केजरीवाल शामिल भी हुए और साथ में तस्वीरें भी खिंचवाई. इसके अलावा पार्टी नेता दिलीप पांड ने इस बात पर सवाल खड़े किए कि कांग्रेस के खिलाफ तो कुमार विश्वास बोलते हैं लेकिन बीजेपी नेताओं के लिए क्यों नहीं बोलते? इससे पहले एमसीडी चुनाव में करारी हार के बाद भी कुमार विश्वास से तल्खी सामने आई थी. पार्टी विधायक अमानतुल्ला ने आरोप लगाया था कि बीजेपी के इशारे पर कुमार विश्वास विधायकों को तोड़ने में लगे हैं.
हालांकि, केजरीवाल इस विवाद को थामने में तब कामयाब रहे थे. फिर कपिल मिश्रा बागी हो गए और केजरीवाल पर ताबड़तोड़ आरोप लगाते आ रहे हैं. कपिल मिश्रा कुमार विश्वास खेमे के बताए जाते रहे हैं.
AAP में बगावत का इतिहास
2011 में इंडिया अगेंस्ट करप्शन से अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुए जन लोकपाल आंदोलन से लाइम लाइट में आए अरविंद केजरीवाल ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ 26 नवंबर 2012 में आप पार्टी का गठन किया था. पार्टी पहली बार दिसंबर 2013 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में उतरी. पार्टी ने चुनाव में 28 सीटों पर जीत दर्ज़ की और कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनायी. दूसरी बार 2014 में 70 में से 67 सीटें जीतकर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद की फिर शपथ ली. इससे पहले भी लेकिन पार्टी के कई नेता बागी होते गए. आम आदमी पार्टी में कई पुराने नेता बगावत कर चुके हैं. केजरीवाल का साथ छोड़कर जा चुके नेताओं में पार्टी के कई संस्थापक सदस्य भी शामिल हैं. डालते हैं पार्टी में बगावत के इतिहास पर एक नजर.
कपिल मिश्रा
एमसीडी चुनाव के बाद केजरीवाल ने अपने करीबी मंत्री कपिल मिश्रा को मंत्री पद से हटा दिया . इसके बाद कपिल मिश्रा ने केजरीवाल पर सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपये लेने का आरोप लगा दिया. कपिल मिश्रा तब से लगातार खुलासे कर केजरीवाल पर आरोप लगाते आ रहे हैं.
योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण
अन्ना आंदोलन से लेकर आम आदमी पार्टी बनाने तक केजरीवाल के साथ रहने वाले मशहूर वकील प्रशांत भूषण भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे थे. आंतरिक कलह के कारण अरविंद केजरीवाल ने उन्हें बाहर कर दिया. उनके साथ योगेन्द्र यादव भी पार्टी से बाहर निकाल दिए गए.
शांति भूषण
पार्टी के वयोवृद्ध और संस्थापक सदस्य और मशहूर वकील शांति भूषण को भी किनारे कर दिया गया. ये सभी नेता पार्टी पर सिर्फ केजरीवाल के नियंत्रण के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे थे.
प्रो. आनंद कुमार
शुरुआती दिनों से टीम केजरीवाल का हिस्सा रहे प्रो. आनन्द कुमार भी पार्टी में एक व्यक्ति एक पद की मांग उठा रहे थे. वे भी पार्टी से अलग कर दिए गए.
शाज़िया इल्मी
पत्रकारिता छोड़ अन्ना आंदोलन से जुड़ी शाजिया इल्मी आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ीं लेकिन हार गई. शाजिया इल्मी आम आदमी पार्टी के चर्चित चेहरों में से एक थीं. बाद में शाजिया ने केजरीवाल पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी. अब वे बीजेपी में हैं.
विनोद कुमार बिन्नी
दिल्ली में सरकार बनने के बाद सबसे पहले आप में बगावत करने वाले विनोद कुमार बिन्नी पहले विधायक थे. बिन्नी ने खुलकर केजरीवाल के खिलाफ आरोप लगाए. इस वजह से उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया. बिन्नी तब से अरविंद केजरीवाल के साथ थे जब अन्ना आंदोलन शुरू भी नहीं हुआ था.
मयंकी गांधी
योगेन्द्र यादव, प्रशांत भूषण और अन्य लोगों को निकाले जाने के बाद मयंक गांधी ने एक आर्टिकल अपने ब्लॉग पर लिखा. लेख में उन्होंने केजरीवाल पर कई आरोप लगाए. कुछ दिन बाद ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया.
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