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Mahakumbh 2025: साधु के भेष में एंट्री कर सकते हैं आतंकी! खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट, खात्मे के लिए स्नाइपर्स हुए तैनात
महाकुंभ की शुरुआत जल्द ही होने वाली है और इसको लेकर दिव्य औऱ भव्य तैयारियां की गई है. वहीं खुफिया इनपुट मिला है कि महाकुंभ में खलल डालने की साजिश हो रही है. सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट के मुताबिक महाकुंभ में संन्यासी के भेष में खलल डालने वाले की एंट्री हो सकती है. पुलिस के ये खबर मिली है कि आपराधिक तत्व सुरक्षा में सेंध की फिराक में हैं.
साधु के भेष में एंट्री कर सकते हैं आतंकी?
सनातन का सबसे बड़ा मेला महाकुंभ और उसके सबसे अहम हिस्से में एक वो साधु जिनके बिना महाकुंभ अधूरा है.
जो महाकुंभ की आन बान और शान हैं. लेकिन अब इन्हीं के भेष में आतंकी बड़ी साजिश रच रहे हैं. महाकुंभ पर आतंकियों की नापाक नज़र है ये तो सब जानते हैं. खालिस्तानी से लेकर आतंकी संगठन तक, सभी महाकुंभ में बाधा डालने की कोशिश कर रहे हैं. इसमें खलल डालने के लिए आतंकियों ने जो रास्ता चुना है, वो अघोरियों से होकर जाता है.
पुलिस को बड़े इनपुट मिले हैं कि महाकुंभ में साधु, संत, अघोरी की आड़ में खलल डालने की कोशिश कर रहे हैं. वो मेला क्षेत्र में अघोरियों के भेष में आ सकते हैं. ये जानकारी खुद महाकुंभ की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारी ने दी है.
कई आतंकी संगठन दे चुके हैं धमकी
महाकुंभ को लेकर अलग अलग जगह से धमकियां पहले ही मिल रही थी.. चाहे वो आतंकी पन्नू हो या फिर असामाजिक तत्व हर तरफ से भव्य और दिव्य महाकुंभ को लेकर निशाना बनाने की साज़िश हैं. दरअसल प्रयागराज महाकुंभ में देश भर से लाखों साधु संत आने वाले हैं. कई अखाड़ों का छावनी प्रवेश भी हो चुका है. अखाड़ों और संतों के लिए बेहतरीन इंतज़ाम भी किए गए हैं.
पुलिस का पहरा कड़ा है और चप्पे चप्पे पर निगरानी है. हर आने जाने वालों की जांच की जा रही है. जल, थल, नभ से पुलिस की नज़र हैं. इसी वजह से इस सुरक्षा घेरे को भेदने के लिए आतंकियों ने ये प्लान बनाया है, जिसमें साधु संत के भेष में महाकुंभ में एंट्री का प्लान बनाया जा रहा है.
AI कैमरों से रखी जा रही है निगाह
आतंकियों का भले ही ये प्लान हो लेकिन योगी की पुलिस इसे पूरी तरफ फेल करने की तैयारी में हैं.. महाकुंभ में सुरक्षा का ऐसा घेरा लगाया गया है कि आतंकी किसी भी भेष में आए, मंसूबे कामयाब नहीं हो पाएंगे.
महाकुंभ में कैसे इन आतंकियों के प्लान को फेल करने की पूरी तैयारी कर ली गई हैं अब आपको विस्तार से बताते हैं. दरअसल महाकुंभ में दुनिया की सबसे बेहतर टेक्नोलॉजी से हर एक व्यक्ति पर नजर रखी जा रहीं है. AI कैमरे हो, ड्रोन या फिर 50000 से ज्यादा पुलिसकर्मी. साधुओं से लेकर श्रद्धालुओं तक की सुरक्षा के लिए मुस्तैद हैं.
महाकुंभ नगर में बनाई गईं 156 चौकियां
महाकुंभ में कोई आतंकी किसी भी तरह नज़र ना डाल पाएं. इसके लिए 156 चौकियां लगाई गई है. प्रयागराज के एंट्री प्वाइंट्स पर आईडी चेक कर ही एंट्री दी जा रही है. इतना ही नहीं, आसमान से भी नज़र रखी जा रहा है. प्रयागराज के सभी घाटों और आस पास के इलाके में ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है.
इसके अलावा महाकुंभ में पहली बार स्नाइपर्स के जवानों की भी तैनाती की गई है. जिनको आतंकियों से निपटने के लिए मेला क्षेत्र में रखा गया है. ये स्नाइपर्स किला, संगम नोज और अरेल घाट के पास रहेंगे. आतंकियों के इस प्लान को लेकर संतों ने भी पुलिस से सख्ती से चेकिंग की मांग की है और साधुओं को भी अपना आधार कार्ड दिखाने को कहा है.
ड्रोन से की जा रही निगरानी
संतों के मुताबिक पहले भी कई बार ऐसी साजिश के लिए संतों के भेष का इस्तेमाल किया जा चुका है. आतंकी चाहे जितनी प्लानिंग कर लें. सच तो ये है कि जिस तरह का सुरक्षा घेरा इस कुंभ में लगाया गया है. AI से लेकर ड्रोन तक, ऐसे एक प्लान तो क्या आतंकी 50 प्लान भी बना लें तो इसमें कामयाब कभी नहीं हो पाएंगे.
तो जहां एक तरफ सुरक्षा कड़ी है तो वहीं महाकुंभ में अखाड़ों की धर्म धव्जा लगातार स्थापित की जा रही है. आज पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की धर्म ध्वजा स्थापित की गई.
पंचायती अखाड़े में 52 फुट ऊंची धर्म ध्वजा
पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की धर्मध्वजा विधि-विधान से स्थापित होने के साथ अखाड़े में महाकुंभ का आगाज हो गया. साधु-संतों ने बैंड बाजे के साथ 52 फिट ऊंची धर्मध्वजा का पूजन किया. हर-हर महादेव के जयकारों के साथ धर्मध्वजा फहराई गई.संतों ने धर्मध्वजा का विधि विधान से मोरपंख, रुद्राक्ष की माला, तिलक, चंदन, रोली आदि से पूजन किया. इसके बाद संतों ने हर हर महादेव के जयघोष और बैंडबाजों की धुन पर धर्म ध्वजा स्थापित की.
धर्म ध्वजा स्थापित करने के लिए क्रेन का सहारा लेना पड़ा. प्रयागराज महाकुंभ को दिव्य भव्य बनाने के लिए हर तरह से कोशिश की जा रही है. इसके लिए प्रयागराज के तमाम घाटों पर अलग अलग कलाकृतियां की गई हैं. जिनमें से एक SAND ART भी है. प्रयागराज के तमाम घाटों पर अलग अलग कलाकृति से घाटों को सजाया गया है. दशामेष घाट पर सफाईकर्मियों को सम्मान देने के लिए sand आर्ट से कलाकृतियों को बनाया गया.
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