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CM पद छोड़ना चाहता हूं..लेकिन ये मुझे नहीं छोड़ेगा, गहलोत के एक दांव से राजस्थान में फिर सियासी तूफान
एक मशहूर बॉलीवुड फिल्म का गीत है, जादूगर का जादू..हाथों का कमाल है..करते हो तुम कैसे सबका ये सवाल है. कई बार यही सवाल राजस्थान के राजनीतिक गलियारों में अशोक गहलोत के प्रशंसक और उनके विरोधी उनसे पूछते रहते हैं. वैसे भी जादूगर फैमिली से आने वाले अशोक गहलोत अपने राजनीतिक दांव पेंच के चलते जादूगर के ही नाम से मशहूर हैं. उनके बयान कई बार गहरे राजनीतिक निहितार्थ लिए होते हैं. इसी बीच नई दिल्ली पहुंचे अशोक गहलोत ने प्रेस कांफ्रेंस में कुछ ऐसा ही बोल दिया कि राजस्थान में हलचल मच गई. उनसे राजस्थान के सीएम पद के उम्मीदवार के बारे में पूछा गया तो उन्होंने तपाक से कह दिया कि सीएम पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन ये पद नहीं छोड़ रहा है, और शायद छोड़ेगा भी नहीं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि सचिन पायलट के सभी टिकट क्लियर हो रहे हैं.
‘मुझ पर हाई कमांड ने भरोसा किया’
असल में दिल्ली पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बात की. उन्होंने कहा कि मैं सीएम पद छोड़ना चाहता हूं, लेकिन ये पद नहीं छोड़ रहा है और शायद छोड़ेगा भी नहीं. मुझ पर हाई कमांड ने भरोसा किया है, कुछ तो कारण होगा. इसलिए मैंने कहा कि देश में जो हालात बन रहे हैं, एक नेता है जो मोदी जी का मुकाबला कर रहा है राहुल गांधी. हालांकि गहलोत ने यह जरूर कहा कि पायलट के साथ गए लोगों के टिकट करीब-करीब फाइनल हैं, उनके सभी टिकट क्लियर हो गए हैं. मैनें उनके एक भी समर्थक के टिकट पर ऑब्जेक्शन नहीं किया है. हम सब एकजुट हैं. जितने फैसले हो रहे हैं वो सबके राय से हो रहे हैं, ये तकलीफ बीजेपी को हो रही होगी.
‘काम के मामले में कोई भेदभाव नहीं’
गहलोत ने कहा कि एक फैसला जो हाई कमांड ने कर दिया, फिर मैने होटल से निकल कर कहा था. अगर एक स्वर में कोई कहे, काम के मामले में सीएम कोई भेदभाव नहीं करते हैं, इसलिए समझ लिए, अभी सिर्फ एक CRITERIA है WINNABILITY, हम सब एक हैं. मोदी जी ने कह दिया कि गहलोत ईमानदार बनता है को मैं सबसे बड़ा ईमानदार हूं, तो मैं कहता हूं कि वो फकीर हैं तो मैं कहता हूं कि मैं सबसे बड़ा फकीर हूं. गहलोत ने कहा कि उनको (PM) चाहिए कि ED IT को रोके, PM को INTERVENE करना चाहिए. बहुत गलत काम कर रहे हैं, देश उनको माफ नहीं करेगा. हमारा फर्ज बनता है कि हम राहुल गांधी के हाथ मजबूत करें, उसके बाद जो पार्टी फैसला करती है…हमें मंजूर होना चाहिए.
जो बयान दिया है वो ऐसे ही नहीं दिया
राजस्थान की राजनीति पर नजर रखने वाले एक्सपर्ट्स का मानना है कि अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद को लेकर जो बयान दिया है वो ऐसे ही नहीं दिया है. अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई है, लेकिन उनके बयान ने कांग्रेस में अंदरूनी कलह को फिर से उजागर कर दिया है. गहलोत ने कहा है कि वे मुख्यमंत्री पद छोड़ना चाहते हैं, लेकिन कुर्सी उन्हें नहीं छोड़ रही है. इस बयान को कुछ लोग गहलोत की सचिन पायलट को संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देख रहे हैं. गहलोत और पायलट के बीच मुख्यमंत्री पद को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही है. पिछले साल गहलोत के खिलाफ पायलट ने बगावत भी की थी.
गहलोत ने पूरी तरह सरेंडर नहीं किया है
चुनाव से पहले कांग्रेस आलाकमान ने दोनों नेताओं को आपसी मतभेद खत्म करने के लिए कहा था. इसके बाद पायलट को कांग्रेस वर्किंग कमेटी में शामिल किया गया था. गहलोत के इस बयान के बाद यह देखना होगा कि कांग्रेस आलाकमान इस पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या यह बयान पायलट और गहलोत के बीच चल रहे विवाद को और बढ़ाएगा, या फिर इस बयान पर पायलट भी पलटवार करेंगे. लेकिन इससे यह जरूर साफ है कि अभी गहलोत ने पूरी तरह सरेंडर नहीं किया है.
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