नए साल के पहले दिन मिल सकता है Corona Vaccine का तोहफा, जारी है एक्सपर्ट कमेटी की बैठक
कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते संक्रमण के बीच भारत में वैक्सीन के आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल सकती है. इसको लेकर दिल्ली में सरकार द्वारा गठित सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की अहम बैठक चल रही है, जिसमें तीन वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल पर विचार किया जा रहा है.
इन 3 वैक्सीन को मंजूरी देने पर विचार
बैठक में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका ( Oxford-AstraZeneca), भारत बायोटेक (Bharat Biotech) और फाइजर (Pfizer) की वैक्सीन (Corona Vaccine) के आपातकालीन उपयोग की मंजूरी पर चर्चा होगी. बता दें कि भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India) द्वारा किया जा रहा है.
2 जनवरी से देशभर में ड्राई रन
2 जनवरी को देशभर के सभी राज्यों की राजधानी में कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन का ड्राई रन होगा, जिसमें कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को परखने का काम किया जाएगा. हर राज्य अपने राज्य की राजधानी के 3 पॉइंट पर ड्राई रन आयोजित करेंगे. महाराष्ट्र और केरल की सरकारों ने केंद्र को बताया है कि वह अपनी राज्य की राजधानी के अलावा राज्य के बड़े शहरों में भी ड्राई रन का आयोजन करेंगे. बता दें कि इससे पहले 28 और 29 दिसंबर को देश के 4 राज्यों में ड्राई रन का आयोजन किया गया था.
ड्राई रन में क्या होगा?
ड्राई रन (Dry Run) के दौरान यह परखा जाएगा कि जिन जिलों में वैक्सीन को स्टोर किया जाना है, वहां से राज्य के आखिरी पॉइंट तक पहुंचने में कुछ दिक्कत तो नहीं आ रही है. इसके अलावा कनेक्टिविटी, इंफ्रास्ट्रक्चर, रेफ्रिजरेशन और ट्रांसपोर्टेशन को भी ड्राई रन के दौरान परखा जाएगा. जहां वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी की जानी है, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग को कैसे मेंटेन किया जाएगा, इसकी भी जांच की जाएगी. टीकाकरण का सारा डाटा कोविन (Co-Win) ऐप पर अपलोड किया जाना है तो ड्राई रन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि डाटा अपलोग में कोई दिक्कत तो नहीं आ रही है.
1 करोड़ लोगों के टीकाकरण की सिफारिश
टीकाकरण के दौरान दो हेल्पलाइन नंबर रहेंगे, जिसमें किसी भी समस्या को लेकर मदद मांगी जा सकती है. टीकाकरण के लिए बने एंपावर्ड ग्रुप में अभी तक पहले चरण में वैक्सीनेशन के लिए स्वास्थ्य सेवा से जुड़े तकरीबन एक करोड़ लोगों को टीकाकरण की सिफारिश की है. इसके बाद प्राथमिकता के आधार पर 27 करोड़ लोगों के लिए टीकाकरण की सिफारिश की गई है.